मुजफ्फरपुर में एक युवक की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिसे Muzaffarpur में महत्वपूर्ण मामला माना जा रहा है। मृतक की पहचान श्याम साहनी के रूप में हुई है, जिनकी पत्नी रेणु देवी का आरोप है कि उन्हें शराब पिलाई गई थी।

रात की घटना और संदिग्ध मौत

सोमवार देर रात, श्याम के दो मित्र, विरोधी साहनी और मुकेश साहनी, उन्हें शराब पिलाने के लिए ले गए थे। रेणु देवी के अनुसार, रात में श्याम घर आए, बच्चों को प्यार किया और उसके बाद दो-तीन बार उल्टी की। वह सो गए, लेकिन सुबह उठने पर उन्होंने बताया कि उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था और वह बेचैन हो गए।

इलाज के दौरान मौत

परिवार और ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें SKMCH (सदाशिवनंदन कुंवर मेडिकल कॉलेज अस्पताल) ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रेणु देवी ने बताया कि जब उसने पति की धड़कन चेक की, तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि वह मर चुके हैं।

शराब के प्रभाव और अन्य पीड़ित

ग्रामीण अशोक राम ने बताया कि श्याम की तबीयत शराब पीने के बाद बिगड़ गई थी। उन्होंने बताया कि सोमवार रात को शराब पीने के बाद मंगलवार को श्याम की आंखों की रोशनी चली गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में दो अन्य व्यक्तियों, मुकेश साहनी और विरोधी साहनी, की भी शराब पीने की जानकारी है। दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक शराब पीने की पुष्टि नहीं की है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद राजनीति भी गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि “मुजफ्फरपुर जिले में सत्ता संरक्षित शराब तस्करों के कारण एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि दूसरे की आंखों की रोशनी चली गई है।” जिला प्रशासन पर आरोप लगाया गया है कि इस घटना के बाद पांच अन्य पीड़ितों को प्रशासन ने गायब कर दिया है।

यह घटना एक बार फिर बिहार में शराबबंदी की प्रभावशीलता और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाती है। Muzaffarpur News में इस संदिग्ध मौत की जांच में पुलिस जुटी है, लेकिन इस संवेदनशील मुद्दे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इसे भी पढ़े :-