कोरोना महामारी के दौर में नौकरी गंवाने वाले एक आम युवक की जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। बिना बोले मज़ेदार रिएक्शन वीडियो बनाकर पहचान बनाने वाले Khabi Lame एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह है उनकी ऐतिहासिक 900 मिलियन डॉलर (करीब 82,800 करोड़ रुपये) की डील, जिसे डिजिटल क्रिएटर इकोनॉमी की सबसे बड़ी डीलों में गिना जा रहा है। यह कहानी सिर्फ सोशल मीडिया फेम की नहीं, बल्कि एक ऐसे बिजनेस मॉडल की है जिसने कंटेंट क्रिएशन की परिभाषा ही बदल दी।
साइलेंट वीडियो से ग्लोबल पहचान तक - Khabi Lame
Khabi Lame की पहचान उनके “नो वर्ड्स, ओनली एक्सप्रेशन” स्टाइल से बनी। वे बिना एक शब्द बोले, जरूरत से ज़्यादा जटिल लाइफ हैक्स का मज़ाक उड़ाते हैं। यही सादगी उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।कोरोना संकट के दौरान जब उनकी नौकरी चली गई, तब टिकटॉक ही उनका सहारा बना। धीरे-धीरे उनके वीडियो वायरल होने लगे और आज वे सोशल मीडिया पर करीब 360 मिलियन फॉलोअर्स के साथ दुनिया के सबसे लोकप्रिय डिजिटल चेहरों में शामिल हैं।
यह सफलता बताती है कि कंटेंट में भाषा नहीं, भाव मायने रखते हैं। यही वजह है कि उनकी अपील हर देश और हर उम्र के लोगों तक पहुंची।
900 मिलियन डॉलर की डील कैसे हुई?
Khabi Lame की यह बड़ी डील उनकी कंपनी Step Distinctive Limited की आंशिक हिस्सेदारी बिक्री से जुड़ी है। इस हिस्सेदारी को अमेरिकी कंपनी Rich Sparkle Holdings ने खरीदा है। यह सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझेदारी है।
समझौते के अनुसार, अगले 36 महीनों तक खाबी से जुड़ी सभी कमर्शियल एक्टिविटी—जैसे ब्रांड एंडोर्समेंट, विज्ञापन, लाइसेंसिंग और ई-कॉमर्स—Rich Sparkle के नियंत्रण में रहेगी। कंपनी का दावा है कि इस मॉडल से भविष्य में 4 बिलियन डॉलर से ज्यादा की सालाना बिक्री संभव है।
यह डील दिखाती है कि डिजिटल क्रिएटर्स अब सिर्फ ब्रांड एंबेसडर नहीं, बल्कि मल्टी-बिलियन डॉलर बिजनेस का हिस्सा बन चुके हैं।
अब सिर्फ क्रिएटर नहीं, कंपनी के मालिक भी
इस डील की सबसे दिलचस्प बात यह है कि खाबी खुद Rich Sparkle Holdings के कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर बनेंगे। यानी वे केवल चेहरा नहीं, बल्कि फैसले लेने वाले प्रमुख हिस्सेदार भी होंगे।इसके साथ ही डील में शामिल है AI डिजिटल ट्विन—Khabi Lame के चेहरे, आवाज़ और हाव-भाव पर आधारित एक वर्चुअल अवतार।
इसका इस्तेमाल विज्ञापनों, लाइव स्ट्रीम और डिजिटल कंटेंट में किया जाएगा। इससे खाबी का ब्रांड 24×7 एक्टिव रह सकेगा, चाहे वे खुद मौजूद हों या नहीं।यह रणनीति सबसे पहले अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ-ईस्ट एशिया में लागू की जाएगी।
क्यों है यह डील
यह सौदा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि डिजिटल इकॉनमी के भविष्य की झलक है। यह दिखाता है कि कैसे एक सिंगल प्लेटफॉर्म से शुरू हुआ कंटेंट अब ग्लोबल बिजनेस में बदल चुका है।
आज Khabi Lame की कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है—कि सही आइडिया, सादगी और निरंतरता से डिजिटल दुनिया में भी साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है।
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