India Pakistan Ceasefire News Today: नमस्कार मैं सौरभ ठाकुर samastipurnews.in से आपको बताते चले की भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सीमा पर तनातनी के बाद बड़ा फैसला लिया गया है।

7 मई को भारत द्वारा आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखला गया था। लगातार चार दिनों तक पाकिस्तान की ओर से हमले की नाकाम कोशिशें हुईं। लेकिन भारत ने हर बार मुंहतोड़ जवाब दिया। इससे परेशान होकर पाकिस्तान ने 11 मई को भारत से संघर्ष विराम की गुहार लगाई। और शाम को करीब 6 बजे भारत ने संयम और परिपक्वता दिखाते हुए संघर्ष विराम को मंजूरी दी।

इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिका की अहम भूमिका रही, जिसने दोनों देशों को बातचीत के टेबल तक लाने में मदद की। अब 12 मई को एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ बातचीत करेंगे। यह कदम शांति की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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India Pakistan Ceasefire: 7 मई के ऑपरेशन के बाद बड़ा फैसला

7 मई 2025 को भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया। इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई से घबराए पाकिस्तान ने भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले की नाकाम कोशिशें कीं। लेकिन भारतीय सेना की चौकसी और जवाबी कार्रवाई के सामने पाकिस्तान टिक नहीं पाया।

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संघर्ष विराम की गुहार और भारत की सशर्त स्वीकृति

लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बदनामी और भारी नुकसान के बाद, पाकिस्तान ने 11 मई को दोपहर 3:35 बजे भारतीय डीजीएमओ को कॉल कर संघर्ष विराम की अपील की। इसके बाद भारतीय पक्ष ने शाम करीब 6 बजे संघर्ष विराम की घोषणा की। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसकी पुष्टि की और बताया कि दोनों देश 5 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में कोई भी सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे।

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12 मई को फिर होगी उच्च स्तरीय बातचीत

विदेश सचिव के अनुसार, दोनों देशों के सैन्य संचालन प्रमुख 12 मई को दोपहर 12 बजे फिर से संपर्क करेंगे और संघर्ष विराम की प्रगति पर चर्चा करेंगे। यह बैठक आगे की रणनीति और शांति की संभावनाओं के लिए अहम मानी जा रही है।

भारत का आतंकवाद पर अडिग रुख

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी सूरत में नरमी नहीं बरतेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघर्ष विराम का मतलब आतंक के खिलाफ कार्रवाई रोकना नहीं है। भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ मजबूत और स्पष्ट नीति अपनाई है।

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अमेरिका की मध्यस्थता की भूमिका

इस संघर्ष विराम में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ प्लेटफॉर्म पर लिखा कि भारत और पाकिस्तान ने अमेरिका की मध्यस्थता के बाद तत्काल संघर्ष विराम पर सहमति जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी भारत और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से अलग-अलग बातचीत कर तनाव कम करने की दिशा में मदद की।

भारत ने दिखाई कूटनीतिक और सैन्य परिपक्वता

भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह ना केवल सैन्य रूप से सशक्त है, बल्कि कूटनीति में भी माहिर है। संघर्ष विराम की सहमति भारत की मजबूती का प्रतीक है, ना कि कमजोरी का। पाकिस्तान की तरफ से बार-बार की गई उकसावे की कार्रवाइयों का भारत ने संयम के साथ जवाब दिया।

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