ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक ऐसी सीरीज चर्चा में है, जिसने घरेलू कहानियों के पारंपरिक ढांचे को तोड़कर एक बड़ा सामाजिक सवाल खड़ा कर दिया है। Chiraiya एक साधारण पारिवारिक कहानी से शुरू होकर marital rape और पितृसत्तात्मक सोच जैसे गंभीर मुद्दों पर सीधा प्रहार करती है। सिर्फ कुछ एपिसोड में ही यह सीरीज दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर रही है और सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है।

घरेलू कहानी से सामाजिक सच तक का सफर

Chiraiya की शुरुआत एक सामान्य संयुक्त परिवार की कहानी से होती है, जहां सब कुछ पारंपरिक ढांचे में चलता नजर आता है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह धीरे-धीरे उस सच्चाई को उजागर करती है जिसे अक्सर परिवार के नाम पर नजरअंदाज किया जाता है।कहानी में नई बहू पूजा और बड़ी बहू कमलेश के किरदार के जरिए यह दिखाया गया है कि कैसे समाज में consent यानी सहमति को नजरअंदाज किया जाता है।

खास बात यह है कि सीरीज किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराने के बजाय पूरे सामाजिक ढांचे पर सवाल उठाती है।यह कहानी सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि उस मानसिकता को दिखाती है जो बचपन से सिखाई जाती है और धीरे-धीरे व्यवहार का हिस्सा बन जाती है।

किरदारों के जरिए दिखाया गया बदलाव

इस सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसके किरदार हैं। Divya Dutta द्वारा निभाया गया कमलेश का किरदार खास तौर पर ध्यान खींचता है। वह एक पारंपरिक बहू से धीरे-धीरे सवाल उठाने वाली महिला में बदलती नजर आती है।वहीं Sanjay Mishra जैसे अनुभवी कलाकार कहानी को और मजबूत बनाते हैं। हर किरदार में एक वास्तविकता है, जिससे दर्शक खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।सीरीज यह भी दिखाती है कि बदलाव बाहर से नहीं, बल्कि घर के अंदर से शुरू हो सकता है। जब परिवार के भीतर ही सवाल उठते हैं, तब असली बदलाव की शुरुआत होती है।