फ्रांस में 12 से 23 मई के बीच होने वाले 79वें फिल्म समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार एक बार फिर भारतीय सितारों की मौजूदगी खास रहने वाली है। Cannes 2026, Jacqueline Fernandez की चर्चा अभी से शुरू हो गई है, क्योंकि अभिनेत्री रेड कार्पेट पर अपने ग्लैमरस अंदाज से दर्शकों का ध्यान खींचने वाली हैं। वहीं, भारतीय सिनेमा के लिए गर्व की बात है कि पायल कपाड़िया को इस बार जूरी हेड की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे भारत की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है।
Cannes 2026: रेड कार्पेट पर जैकलीन का स्टाइल और बढ़ता ग्लोबल प्रभाव
Jacqueline Fernandez पिछले कुछ वर्षों से इस प्रतिष्ठित फिल्म समारोह में लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराती रही हैं। हर बार उनका स्टाइल, कॉन्फिडेंस और अलग अंदाज चर्चा का विषय बनता है। इस साल भी वह खास तैयारियों में जुटी हैं, ताकि उनका रेड कार्पेट लुक पहले से ज्यादा प्रभावशाली नजर आए।
फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार उनका लुक इंटरनेशनल ट्रेंड्स और इंडियन टच का बेहतरीन मिश्रण हो सकता है। यही वजह है कि उनके फैंस के साथ-साथ फैशन इंडस्ट्री भी उनके लुक्स को लेकर उत्साहित है। पिछले साल उन्हें रेड सी फिल्म फाउंडेशन की ‘Women in Cinema’ पहल के तहत सम्मानित किया गया था, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई।
आज के दौर में यह सिर्फ एक रेड कार्पेट अपीयरेंस नहीं, बल्कि भारतीय कलाकारों के लिए वैश्विक मंच पर खुद को साबित करने का मौका है। red carpet fashion और global film festival जैसे प्लेटफॉर्म पर भारतीय सितारों की बढ़ती मौजूदगी इस बदलाव का संकेत देती है। जैकलीन की लगातार भागीदारी यह भी दिखाती है कि अब बॉलीवुड कलाकार सिर्फ देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी जगह बना रहे हैं।
पायल कपाड़िया की जूरी हेड बनने से बढ़ा भारत का मान
इस बार समारोह की एक और बड़ी खासियत यह है कि भारतीय फिल्ममेकर पायल कपाड़िया को जूरी हेड बनाया गया है। यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि भारत की फिल्मों और क्रिएटिव टैलेंट को वैश्विक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।
पायल कपाड़िया का चयन सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए गर्व का पल है। इससे आने वाले समय में और भी भारतीय फिल्ममेकर्स को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। इसके साथ ही, भारतीय कलाकारों की लगातार भागीदारी यह साबित करती है कि देश की सिनेमा इंडस्ट्री तेजी से ग्लोबल हो रही है। यह ट्रेंड आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा, जहां भारत सिर्फ फिल्मों का बड़ा बाजार नहीं बल्कि कंटेंट क्रिएशन का मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।
अगर देखा जाए तो यह इवेंट सिर्फ ग्लैमर और फैशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक और रचनात्मक आदान-प्रदान का भी बड़ा मंच है। ऐसे में जैकलीन की मौजूदगी और पायल कपाड़िया की भूमिका दोनों ही भारत की बढ़ती पहचान को दर्शाती हैं। आने वाले दिनों में सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि रेड कार्पेट पर जैकलीन क्या नया लेकर आती हैं और भारतीय सिनेमा इस मंच पर और कितना प्रभाव छोड़ पाता है।
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