14 फरवरी 2026 — UP माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। नई व्यवस्था के तहत डिजिटल निगरानी, कम परीक्षा केंद्र और अभिभावकों की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही छात्रों का तनाव कम करने के लिए ऑनलाइन मार्गदर्शन सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें तैयारी की रणनीति और परीक्षा अनुशासन पर चर्चा हुई।
UP परीक्षा में सख्ती और नई मॉनिटरिंग व्यवस्था
इस साल UP Board Exam 2026 को लेकर परिषद ने साफ संदेश दिया है कि परीक्षा अब पूरी तरह निगरानी आधारित होगी। केंद्रों की संख्या पहले की तुलना में कम कर दी गई है ताकि बेहतर कंट्रोल रखा जा सके। अब लगभग हर केंद्र पर CCTV और लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था होगी। एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से परीक्षा गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी शॉर्टकट से बचें और समय से पहले एडमिट कार्ड व पहचान पत्र तैयार रखें। बोर्ड ने अभिभावकों से भी कहा है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करें।
डिजिटल मॉनिटरिंग का उद्देश्य सिर्फ नकल रोकना नहीं बल्कि निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मेधावी छात्रों को फायदा मिलेगा और परिणाम अधिक विश्वसनीय होंगे।
छात्रों के लिए गाइडेंस, हेल्पलाइन और स्किल फोकस
बोर्ड अधिकारियों ने तैयारी को आसान बनाने के लिए मॉडल पेपर जारी किए हैं ताकि छात्र परीक्षा पैटर्न समझ सकें। साथ ही यूट्यूब पर लाइव सत्र आयोजित कर टाइम मैनेजमेंट, रिवीजन तकनीक और मानसिक तनाव कम करने के तरीके बताए गए।छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जहां परीक्षा संबंधी किसी भी समस्या का समाधान मिलेगा। इसके अलावा कक्षा 9 और 11 से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे छात्र की शैक्षणिक ट्रैकिंग आसान होगी।
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परिषद ने कौशल शिक्षा पर भी जोर दिया है। अब छात्रों को पढ़ाई के साथ practical skills सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।विशेषज्ञों का कहना है कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, डिजिटल निगरानी और करियर उन्मुख शिक्षा — ये तीनों बदलाव लंबे समय में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे।
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