MHT CET: महाराष्ट्र बोर्ड की HSC परीक्षा से जुड़े पेपर लीक विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। इसी बीच अब ध्यान राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग और फार्मेसी प्रवेश परीक्षा MHT CET 2026 पर भी गया है। हालांकि अब तक इस परीक्षा से जुड़ी किसी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने परीक्षा सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड से जुड़े मामले के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा पर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में CET सेल की तैयारियों और दिशा-निर्देशों को समझना जरूरी हो जाता है।
MHT CET: छात्रों के लिए क्या मायने रखता है यह विवाद?
HSC और CET दोनों परीक्षाएं कई छात्रों के लिए एक ही साल में होती हैं। खासकर विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी बोर्ड और प्रवेश परीक्षा दोनों की तैयारी साथ में करते हैं। ऐसे में एक परीक्षा में हुई गड़बड़ी दूसरी परीक्षा को लेकर भी मानसिक दबाव बढ़ा सकती है।विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। अभी तक MHT CET से जुड़ी किसी समस्या की सूचना नहीं है। CET सेल ने पहले ही अनफेयर मीन्स (UFM) बुकलेट जारी की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।
छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से दूरी बनाए रखें। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।यह स्थिति छात्रों को यह भी सिखाती है कि अफवाहों के बजाय तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना ही सबसे सही रणनीति है।
सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठा रहे हैं अधिकारी?
CET अधिकारियों ने इस वर्ष कुछ अहम बदलाव किए हैं। जानकारी के अनुसार, राज्य के बाहर स्थित परीक्षा केंद्रों को बंद कर दिया गया है। यह फैसला परीक्षा की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था, दस्तावेज सत्यापन और अन्य तकनीकी उपायों को भी सख्त किया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़ी परीक्षाओं में सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे।






















