शराबबंदी के बावजूद पकड़ी गई नकली शराब बनाने की फैक्ट्री: बिहार में शराबबंदी के बावजूद नकली विदेशी शराब बनाने का धंधा जोरों पर है। दरभंगा जिले के शहबाजपुर गांव में पुलिस ने एक मिनी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया, जहां ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली शराब बनाई जा रही थी। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक महिला को गिरफ्तार किया और मौके से बड़ी मात्रा में शराब बनाने का सामान बरामद किया।
महिला शराब माफिया गिरफ्तार शराबबंदी के बावजूद इस धंधे में लिप्त महिला रीता देवी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो अपने घर में नकली ऑफिसर्स चॉइस ब्रांड की शराब बना रही थी। पुलिस ने मौके से 210 तैयार टेट्रा पैक, 400 खाली पैक, 400 स्टिकर, और सीलिंग मशीन बरामद की है। आरोपी महिला को पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया, जबकि बाकी तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
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पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहबाजपुर गांव में नकली विदेशी शराब बनाने का धंधा चल रहा है। सूचना पर सोनकी थाना की पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नेपाली सहनी के घर पर छापा मारा, जहां उसकी पत्नी रीता देवी इस अवैध कारोबार में लिप्त पाई गई। घर से शराब बनाने के उपकरणों और बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री को जब्त किया गया।
शराब के साथ मिले पैकिंग के उपकरण
थानाध्यक्ष बसंत कुमार का कहना है की मिनी फैक्ट्री 180 मि.ली. के टेट्रा पैक में नकली ब्रांडेड शराब तैयार की जाती थी। मौके से इलेक्ट्रिक सीलिंग मशीन, स्टेबलाइजर, एयर फिक्स, और शराब के पैकिंग उपकरण बरामद किए गए हैं। छापेमारी से पहले तस्करों ने तीन-चार बाल्टी में रखी गई शराब या स्पिरिट को जमीन में गिरा दिया था। पुलिस अब इस मामले में अन्य फरार तस्करों की तलाश में जुटी है।
कई आरोपियों पर दर्ज हुई प्राथमिकी इस मामले में सात अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि शराब माफिया नेटवर्क के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई है, जिससे नकली शराब के अवैध कारोबार को झटका लगा है।
निष्कर्ष
शराबबंदी वाले बिहार में नकली शराब बनाने का यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन समय पर की गई कार्रवाई से इस अवैध धंधे पर लगाम लगाई जा सकी है।
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