बेगूसराय में पति द्वारा दो मासूम बेटों की हत्या का मामला सामने आया है। इस घटना के 12 दिन बाद भी आरोपी पिता, सिकंदर यादव, पुलिस के गिरफ्त से बाहर है। खुशबू देवी, मृतक बच्चों की मां, ने अपील की है कि कोई उनके तीसरे बेटे को बचाने में मदद करे। वह रोते हुए कहती हैं, “मेरे पति ने मेरे दो बच्चों को जहर देकर मार डाला और शव को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया। मेरा बड़ा बेटा अभी भी उसी के पास है, कोई उसे वापस दिला दे। मैं उसके सहारे जी लूंगी।”

घटना का विवरण

17 अक्टूबर को लाखो थाना क्षेत्र के अयोध्या बाड़ी के वार्ड नंबर एक में पति ने पत्नी से विवाद के बाद अपने दो मासूम बेटों की हत्या कर दी। मृतकों में 6 साल का हिमांशु कुमार और 4 साल का हर्ष कुमार शामिल हैं। खुशबू देवी ने अपने पति और उसके परिवार पर आरोप लगाया है। पुलिस ने सिकंदर के पिता को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बाकी आरोपी फरार हैं।

खुशबू देवी का हाल

12 दिन बीत जाने के बाद खुशबू ठीक से न तो खा रही हैं और न ही किसी से बात कर पा रही हैं। उनका मायके में इलाज चल रहा है। खुशबू ने कहा, “मेरे पति दहेज उत्पीड़न के केस को लेकर मुझसे नाराज थे। वह कहते थे, ‘पहले बच्चों को मार दूंगा, फिर तुम्हें भी।’ वह मेरे छोटे और मंझले बेटे से नफरत करते थे।”

दहेज उत्पीड़न और हिंसा की कहानी

खुशबू ने बताया कि 2016 में उनकी शादी सिकंदर से हुई थी। ससुराल पहुंचते ही उनके मायके वालों ने बाइक और पैसे की डिमांड करनी शुरू कर दी। इस दहेज उत्पीड़न के कारण खुशबू के भाई ने एक दीवान दिया, लेकिन मांगें खत्म नहीं हुईं।

ससुराल वालों की हिंसा और पुलिस की कार्रवाई

खुशबू ने कहा, “हर बार जब मैं ससुराल जाती, तो कुछ दिन ठीक रहता, लेकिन फिर मारपीट शुरू हो जाती।” उनके भाईयों ने अंततः ससुराल वालों के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया। लाखो थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह ने कहा, “खुशबू के बयान पर कई आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हमें ससुर शिवनंदन यादव को गिरफ्तार किया है, बाकी आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।”

इस घटना ने परिवार में गहरा सदमा पहुंचाया है, और खुशबू देवी न्याय की उम्मीद में हैं। यह मामला बेगूसराय समाचार में एक गंभीर मुद्दा बन चुका है।

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