Summer Car Care: गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और ज्यादा टेंपरेचर सिर्फ आपके लिए ही नहीं, बल्कि आपकी गाड़ी को दिक्कत पहुंचा सकता है। ज्यादा टेंपरेचर गाड़ी के इंजन पर बुरा प्रभाव डालता है, जिससे इंजन गर्म हो जाता है और बीच रास्ते में परेशानी खड़ी कर सकता है। ऐसे में, अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो इंजन डैमेज होगा ही, लेकिन आपके पॉकेट पर भार बढ़ेगा। आइए जानते हैं क्यों इंजन ओवरहीट होता है और क्या ध्यान रखना चाहिए।

क्यों ओवरहीट होता है इंजन?

गाड़ी चलने के दौरान कार का इंजन काफी ज्यादा हीट जेनरेट करता है। ऐसे में इस हीट को कंट्रोल करने के लिए कार में एक कूलिंग सिस्टम होता है, जो कूलेंट की मदद से इंजन की हीट को रेडिएटर तक पहुंचाकर बाहर निकालता है। लेकिन गर्मियों में टेंपरेचर ज्यादा होने और ट्रैफिक में स्लो स्पीड में गाड़ी चलने से इस सिस्टम पर ज्यादा प्रेसर पड़ता है। इसके अलावा, इंजन के ओवरहीट होने के कुछ नॉर्मल कारणों में कम कूलेंट, गंदा या ब्लॉक रेडिएटर, खराब कूलिंग फैन और खराब इंजन ऑयल भी शामिल है।

इंजन ठंडा रखने के लिए क्या करें?

चेक कूलेंट लेवल: इंजन को ठंडा रखने में कूलेंट एक अहम रोल निभाता है। यह इंजन की गर्मी को सोखता है और उसे रेडिएटर में डालता है। यही कारण है कि कूलेंट का लेवल बार-बार चेक करना जरूरी है। खासकर जब आप लंबी ट्रिप पर निकल रहे हों। अगर कम कूलेंट है, तो नॉर्मल पानी की जगह सही कूलेंट मिश्रण का इस्तेमाल करें। इससे भी जंग और गंदगी जमा होने से बचाव होता है।

रेडिएटर को साफ करें और इसकी जांच करें: इंजन की हीट रेडिएटर से निकाली जाती है। रेडिएटर को साफ रखना जरूरी है, क्योंकि धूल, मिट्टी और कीड़े-मकोड़े समय के साथ उस पर जमा हो सकते हैं, जिससे हवा का फ्लो कम हो जाता है। रेडिएटर से जुड़े होज या पाइप में कोई लीकेज या दरार तो नहीं है, इसकी भी जांच करना सुनिश्चित करें।

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