Auto Sector FY27 भारत के ऑटो उद्योग को लेकर नई रिपोर्ट सामने आई है जिसमें अगले वित्त वर्ष को लेकर संतुलित लेकिन सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। रेटिंग एजेंसियों के अनुमान के अनुसार Auto Sector, FY27 में विकास जारी रहेगा, हालांकि इसकी रफ्तार पिछले साल जितनी तेज नहीं रहेगी। खास बात यह है कि दोपहिया वाहनों की मांग और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आने वाले समय की ग्रोथ तय करेगी।

Auto Sector FY27 दोपहिया और इलेक्ट्रिक वाहन बनेंगे ग्रोथ इंजन

क्रिसिल और ICRA की ताजा रिपोर्ट बताती है कि अगले वित्त वर्ष में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री स्थिर लेकिन मजबूत वृद्धि दर्ज करेगी। दोपहिया वाहनों की बिक्री में 7-9% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है और कुल बिक्री लगभग 2.9 करोड़ यूनिट के आसपास पहुंच सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण मांग, बेहतर आय और फाइनेंसिंग की उपलब्धता इस बढ़त को सहारा देंगी। खासकर स्कूटर सेगमेंट तेजी से बढ़ सकता है। शहरों में बढ़ती लास्ट-माइल मोबिलिटी जरूरत के कारण इलेक्ट्रिक स्कूटर लोकप्रिय हो रहे हैं।

प्रीमियम बाइक्स और हाई-एंड मॉडल भी बाजार को मजबूती देंगे। युवा ग्राहकों में अपग्रेड की चाह और फीचर-लोडेड वाहनों की मांग बढ़ रही है। इसके साथ ही BS6 फेज-2 और बेहतर माइलेज तकनीक से उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ा है।रिपोर्ट में कहा गया है कि GST कटौती का असर अब स्थिर हो रहा है, इसलिए बाजार में उछाल की जगह संतुलित वृद्धि देखने को मिलेगी। यानी बिक्री बढ़ेगी लेकिन अचानक तेजी नहीं आएगी।

निर्यात और प्रीमियम सेगमेंट से मिलेगी मजबूती

रिपोर्ट के मुताबिक कुल बिक्री का करीब 20% हिस्सा एक्सपोर्ट से आता है और इसमें अच्छी बढ़त जारी रहने की उम्मीद है। लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण एशिया जैसे बाजार भारतीय कंपनियों के लिए बड़े अवसर बन रहे हैं।मोटरसाइकिल अभी भी घरेलू बाजार में लगभग 60% हिस्सेदारी रखती हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में स्कूटर और EV का योगदान ज्यादा तेज होगा। इलेक्ट्रिक वाहन नीति, चार्जिंग नेटवर्क और कम रनिंग कॉस्ट इस बदलाव को गति दे रहे हैं।

प्रीमियम कारों की मांग भी बाजार को सहारा देगी। बढ़ती आय और लाइफस्टाइल बदलाव के कारण ग्राहक एंट्री-लेवल से ऊपर के सेगमेंट की ओर बढ़ रहे हैं। इससे कंपनियों की प्रति यूनिट कमाई बेहतर होगी भले ही कुल बिक्री की गति मध्यम रहे।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इंडस्ट्री का फोकस वॉल्यूम से ज्यादा वैल्यू पर रहेगा। यानी कम वाहन लेकिन ज्यादा कीमत वाले मॉडल ग्रोथ का आधार बनेंगे।