तकनीक और इनोवेशन से जुड़े बड़े आयोजन India AI Impact Summit के बीच सरकार ने अहम चेतावनी जारी की है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया है कि समिट में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को निशाना बनाकर फिशिंग स्कैम चलाया जा रहा है। एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए फर्जी संदेश भेजकर कार्ड डिटेल और निजी जानकारी मांगी जा रही है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संदेश आधिकारिक नहीं हैं। प्रतिभागियों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें और केवल अधिकृत चैनलों से ही जानकारी प्राप्त करें।

India AI Impact Summit: कैसे काम कर रहा है यह फिशिंग स्कैम?

Ministry of Electronics and Information Technology ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि कुछ लोग रिफंड के नाम पर संवेदनशील जानकारी मांग रहे हैं। इन संदेशों में दावा किया जा रहा है कि कार्यक्रम से जुड़े भुगतान वापस करने के लिए बैंक या कार्ड डिटेल जरूरी है।फिशिंग स्कैम आमतौर पर लोगों को जल्दीबाजी में निर्णय लेने के लिए उकसाता है। संदेश ऐसे बनाए जाते हैं कि वे आधिकारिक लगें।

लेकिन मंत्रालय ने साफ कहा है कि आयोजन से जुड़े किसी भी रिफंड या अपडेट की सूचना केवल आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल पर दी जाएगी।विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े आयोजनों के दौरान साइबर अपराधी सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए प्रतिभागियों को सतर्क रहना जरूरी है।

अगर जानकारी साझा हो गई है तो क्या करें?

सरकार ने यह भी सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति ने गलती से संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर अपनी जानकारी साझा कर दी है, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। खाते को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाना जरूरी है।साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें। आधिकारिक वेबसाइट का यूआरएल खुद टाइप करके खोलना बेहतर होता है।

डिजिटल युग में ऐसे स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।यह चेतावनी केवल इस आयोजन तक सीमित नहीं है। भविष्य में भी किसी बड़े कार्यक्रम या सरकारी पहल से जुड़े संदेशों की सत्यता जांचना जरूरी है। सरकार ने प्रतिभागियों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।

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