नई दिल्ली: भारत के महान स्पिनर और पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने युवा सलामी बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal की बड़ी पारी खेलने की भूख की जमकर सराहना की है, और कहा है कि उनके पास वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट में ऐतिहासिक तिहरा शतक (300 रन) बनाने का शानदार मौका है। कुंबले का मानना है कि जायसवाल में बेहतरीन शुरुआत को एक विशाल स्कोर में बदलने की काबिलियत है, जो उन्हें भारतीय क्रिकेट के शीर्ष बल्लेबाजों की कतार में खड़ा करती है।

Yashasvi Jaiswal में दिखती है बड़ी पारियों की ललक

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन जायसवाल ने नाबाद 173 रन बनाकर अपनी असाधारण फॉर्म जारी रखी। इसी पारी को देखते हुए अनिल कुंबले ने उनकी प्रशंसा की। JioHotstar पर कुंबले ने कहा, “जायसवाल दिन-ब-दिन बेहतर होते जा रहे हैं। हमने उनकी रनों की भूख और टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने के उनके रवैये के बारे में बात की है। उन्होंने अपने छोटे से करियर में दिखाया है कि वे ऐसे मौकों को गंवाते नहीं हैं। एक बार जब वे क्रीज पर जम जाते हैं, तो उसका पूरा फायदा उठाते हैं—और यह देखना शानदार है।”

‘300 का अवसर’ और रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन

कुंबले ने जायसवाल को एक कदम आगे बढ़कर तिहरा शतक (Triple Century) बनाने का लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “वे अभी भी क्रीज पर हैं, और वे कल बड़ा स्कोर बना सकते हैं। जायसवाल के पास अब न केवल दोहरे शतक, बल्कि शायद तिहरा शतक बनाने का भी शानदार मौका है।”

कुंबले ने यह भी बताया कि जायसवाल की असाधारण निरंतरता उन्हें दिग्गजों की श्रेणी में रखती है। उन्होंने कहा कि जायसवाल ने अब तक लगाए अपने सात टेस्ट शतकों में से पाँच को 150 या उससे अधिक के स्कोर में बदला है। 24 साल से कम उम्र के सलामी बल्लेबाजों में ऐसा रिकॉर्ड केवल महान डॉन ब्रैडमैन और ग्रीम स्मिथ जैसे दिग्गजों के पास ही था।