Shubman Gill: शुभमन गिल ने अपनी दरियादिली और टीम के प्रति समर्पण से फैंस का दिल जीत लिया है। गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए गिल ने टीम को मजबूत बनाने के लिए बड़ी कुर्बानी दी है। पिछले सीजन में, गिल की कप्तानी में गुजरात का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, और इस वजह से उनके नेतृत्व को लेकर सवाल भी उठे थे। लेकिन अब खबर है कि गिल अपने कम सैलरी पर खेलने के लिए तैयार हैं ताकि टीम आगामी सीजन में मजबूती के साथ उतर सके।

गुजरात के साथ गिल का बड़ा फैसला

Shubman Gill: पिछले सीजन में गुजरात टाइटंस का सफर निराशाजनक रहा, जहां टीम प्लेऑफ तक भी नहीं पहुंच सकी थी। गुजरात के खराब प्रदर्शन का कारण गिल की कप्तानी को माना गया, जिससे फ्रेंचाइजी ने नए कप्तान की तलाश पर भी विचार किया था। लेकिन टीम ने गिल को एक और मौका देने का फैसला किया है। गिल ने भी टीम के प्रति अपने भावनात्मक लगाव को दिखाते हुए मेगा ऑक्शन में टीम के बजट को मजबूत करने के लिए अपनी सैलरी कम करने की पेशकश की है।

गिल ने फैंस का जीता दिल

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, शुभमन गिल चाहते हैं कि गुजरात टाइटंस अपनी कोर टीम को बरकरार रखे। इसलिए उन्होंने रिटेन होने के लिए कम पैसों में खेलने का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि रिटेन किए जाने वाले खिलाड़ियों में टॉप पर राशिद खान का नाम है, न कि गिल का, और इसके बावजूद गिल को इस फैसले से कोई दिक्कत नहीं है। गिल की प्राथमिकता यह है कि टीम मेगा ऑक्शन में ज्यादा बजट के साथ शामिल हो, जिससे टीम को अपने अहम खिलाड़ियों को बरकरार रखने का फायदा मिल सके। माना जा रहा है कि गिल का यह कदम टीम को लंबे समय के लिए मजबूत बनाने की दिशा में है।

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सूत्र का बयान

इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि गिल फ्रेंचाइजी की मदद के लिए कम सैलरी पर खेलने के लिए तैयार हो गए हैं। गिल का यह निर्णय गुजरात को अपने अन्य टैलेंटेड खिलाड़ियों को रिटेन करने का अवसर देगा। इस निर्णय से यह भी स्पष्ट है कि गिल टीम के प्रति एक लीडर की तरह सोचने लगे हैं और वह आगामी मेगा ऑक्शन के लिए लगातार टीम मैनेजमेंट के साथ चर्चा में हैं।

गिल की कप्तानी में रहा था टीम का खराब प्रदर्शन

हार्दिक पांड्या के मुंबई इंडियंस से जुड़ने के बाद, गुजरात टाइटंस ने शुभमन गिल को कप्तानी सौंपी थी। हालांकि, पिछले सीजन में गिल की कप्तानी में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। खेले गए 14 मैचों में से गुजरात केवल 5 मैचों में जीत दर्ज कर पाई, जबकि 7 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा। टीम का समापन टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर हुआ, जो एक चैंपियन टीम के लिए काफी निराशाजनक था।

गिल का यह कदम दिखाता है कि वे न केवल खुद को बल्कि अपनी टीम को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कम सैलरी पर खेलने का उनका निर्णय टीम की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ आगामी सीजन में बेहतर प्रदर्शन की नींव रखता है।

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