Samastipur Sarkari Yojana: जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत, कृत्रिम पशुओं के गर्भाधान को बढ़ावा देने के लिए, ‘मैत्री’ केंद्रों की स्थापना की जा रही है। इन केंद्रों पर कृत्रिम पशुओं के गर्भाधानकर्ता का चयन हो रहा है। उन्होंने इसके लिए कहा है कि पशुपालकों को उनके घरों में ही कृत्रिम पशुओं के गर्भाधान की सुविधा मिलनी चाहिए। जिले में कुल 384 पंचायत है।
Samastipur News, संवाददाता। अब पंचायतों में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा पशुपालकों को उनके घर पर ही मिलेगी। इसके लिए, पंचायत स्तर पर कृत्रिम पशुओं के गर्भाधानकर्ता चयनित किए जा रहे हैं।
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. नवीन चंद्र प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत, ‘मैत्री’ केंद्रों की स्थापना की जा रही है, जहाँ पर कृत्रिम पशुओं के गर्भाधानकर्ता का चयन किया जा रहा है।

इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य पशुओं के गर्भाधान की देने की सुविधा पंचायतों के पशुपालकों तक पहुंचाना है। पहले चरण में, 99 पंचायतों में ‘मैत्री’ केंद्रों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है। समस्तीपुर प्रखंड के तहत, दो पंचायतों का चयन किया गया है, जिनमें जितवारपुर निजामत और जितवारपुर चौथ शामिल हैं।















