Cockroach Janta Party: दिल्ली में 6 जुलाई को CJP की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, क्या होगा बड़ा ऐलान?
Cockroach Janta Party: सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे ऑनलाइन राजनीतिक आंदोलन की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में 6 जून को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर बड़ा ऐलान किया गया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे और समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
Cockroach Janta Party: 6 जून को दिल्ली में जुटेंगे समर्थक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सौरव दास ने कहा कि अभिजीत दिपके सुबह 8 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने समर्थकों से एयरपोर्ट पहुंचकर स्वागत करने की अपील भी की है। जानकारी के मुताबिक इसके बाद सभी लोग संसद मार्ग की ओर जाएंगे और पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस देश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर रहेगा।
आंदोलन में विभिन्न विचारधाराओं और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। बताया गया है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। पार्टी की ओर से कहा गया है कि यदि 5 जून तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो 6 जून को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि प्रदर्शन की अंतिम अनुमति प्रशासनिक मंजूरी के बाद ही तय होगी।
कैसे शुरू हुआ आंदोलन और क्यों बढ़ी लोकप्रियता
जानकारी के मुताबिक इस संगठन की शुरुआत 16 मई 2026 को हुई थी। इसकी स्थापना अभिजीत दिपके ने उस समय की थी जब युवाओं को लेकर एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई थी। इसके बाद यह अभियान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैलने लगा। शुरुआत में इसे एक प्रतीकात्मक सोशल मीडिया आंदोलन माना गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ गए। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है।
यही वजह है कि इसे हाल के समय के सबसे तेजी से बढ़ते ऑनलाइन आंदोलनों में गिना जा रहा है। हाल ही में संगठन ने नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति भी की है। इसे एक संगठित ढांचे की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आपको बता दें कि 6 जून का प्रस्तावित कार्यक्रम इस आंदोलन की अब तक की सबसे बड़ी सार्वजनिक गतिविधि हो सकती है। यदि आप इस मुद्दे को करीब से देखना चाहते हैं, तो आने वाले दिनों में दिल्ली में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।