बिहार: राज्य में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। हाल ही में मुजफ्फरपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक अवैध शराब फैक्ट्री क्लीनिक के बोर्ड की आड़ में चल रही थी। पुलिस ने इस फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में शराब और उससे संबंधित उपकरण जब्त किए हैं।

क्लीनिक के बोर्ड के पीछे शराब का धंधा

यह अवैध फैक्ट्री मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के डुमरी-लदौरा रोड पर स्थित थी, जहां एक मकान में डॉक्टर की क्लीनिक का बोर्ड लगाकर शराब का निर्माण किया जा रहा था। पुलिस की छापेमारी के दौरान वहां से भारी मात्रा में स्प्रिट, तैयार शराब, अर्द्ध-निर्मित शराब, विभिन्न ब्रांडों के शराब की बोतलें, ढक्कन, रैपर, बॉटलिंग और पैकेजिंग मशीनें, और एक वाटर प्लांट जब्त किए गए हैं।

बाहरी राज्यों से मंगाई जा रही थी स्प्रिट

पुलिस की जांच के मुताबिक, इस फैक्ट्री में बाहरी राज्यों से स्प्रिट मंगाकर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब का निर्माण किया जा रहा था। इसके बाद शहर और ग्रामीण इलाकों में इन शराब की आपूर्ति की जाती थी। यह धंधा पिछले कई महीनों से चल रहा था, लेकिन अब जाकर पुलिस ने इसका पर्दाफाश किया है।

मुख्य आरोपी की पहचान और गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपी की पहचान धीरज कुमार के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस धीरज से जुड़े अन्य शराब माफियाओं की भी पहचान करने में जुटी है। इस दौरान गोदाम को सील कर दिया गया है, ताकि आगे की जांच में कोई बाधा न आए।

अधिकारियों का बयान

उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर शिवेंद्र कुमार ने बताया कि टीम की ओर से लगातार शराब धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सहायक उत्पाद आयुक्त विजय शेखर दुबे ने कहा कि डॉक्टर की क्लीनिक और पानी के प्लांट की आड़ में अवैध शराब निर्माण हो रहा था। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बिहार में शराबबंदी के बावजूद जारी है अवैध कारोबार

बिहार में शराबबंदी के बाद भी अवैध रूप से शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी बताती है कि किस तरह से शराब माफिया नए-नए तरीकों से कानून को चकमा दे रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से शराब माफियाओं पर जरूर नकेल कसी जा रही है, लेकिन राज्य में पूरी तरह से शराबबंदी लागू करने के लिए और कड़े कदम उठाने की जरूरत है।

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