वेटरन सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में आज निधन हो गया। आशा भोसले के निधन की पुष्टि करते हुए उनके बेटे आनंद भोसले ने अस्पताल के बाहर मीडिया से बात की। आनंद ने बताया कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही और उनका कल यानी 13 अप्रैल को शाम 4 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन से भारतीय मनोरंजन जगत शोक में डूब गया है। फैंस से लेकर सेलेब्स हर कोई उनके निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रही हैं। इस बीच सिंगर का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा, जिसमें उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा बताई थी।

आशा भोसले की आखिरी इच्छा

आशा भोसले ने अमृता राव और आरजे अनमोल के साथ पॉडकास्ट के अपनी आखिरी इच्छा बताई थी। उन्होंने कहा था, “मेरी खुद की इच्छा ऐसी है कि गाते-गाते ही मैं चली जाऊं, ये मेरी इच्छा है। अब मुझे सीखने का कुछ नहीं है। गाना मेरी लाइफ है। मैंने बचपन से गाया है, मतलब तीन साल क्लासिकल बाबा से सीखा और पूरी लाइफ इसमें चली गई। अब फिल्म लाइन में भी 80-82 साल हो गए हैं और अब ये चाहते हैं कि गाते-गाते मेरा दम निकले, और मुझे सबसे ज्यादा खुशी इसी बात की होगी कि मैं गाते-गाते ही जाऊं।”

पवन कल्याण बोले- मुझे गहरा दुख हुआ

उनके निधन पर कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर दुख जताया। पवन कल्याण ने एक बयान में कहा, “मशहूर गायिका श्रीमती आशा भोसले के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे आशा जी की आत्मा को शांति प्रदान करें। वे एक सुरीली गायिका थीं, जिन्होंने अपने लंबे और शानदार करियर के दौरान न केवल हिंदी में, बल्कि मराठी, तेलुगु और बंगाली जैसी भाषाओं में भी फिल्मी गीत गाए। उन्होंने पश्चिमी संगीत शैलियों में भी गीत गाए, जिससे युवाओं की पूरी एक पीढ़ी मंत्रमुग्ध और रोमांचित हो गई। उन्होंने ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘इन आंखों की मस्ती’ और ‘राधा कैसे न जले’ जैसे गीतों से सिनेमा और संगीत प्रेमियों को आनंदित किया। मैं श्रीमती आशा भोसले के परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”

श्रेया घोषाल ने लिखा- उनकी आवाज समय के साथ गूंजती रहेगी

श्रेया घोषाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज हमने एक ऐसी आवाज खो दी जिसने कई पीढ़ियों को परिभाषित किया… एक ऐसी रूह जिसने संगीत को ही एक नया रूप दिया। आशा भोसले जी सिर्फ एक महान हस्ती ही नहीं थीं, बल्कि उनकी प्रतिभा की कोई सीमा नहीं थी। मैं उन्हें सुनते हुए, उनसे सीखते हुए और उनकी सहज बहुमुखी प्रतिभा से हमेशा प्रभावित होते हुए बड़ी हुई हूं… जिस तरह से वह हर सुर में जान डाल देती थीं, हर जज्बात को अपना सा बना देती थीं। चंचल धुनों से लेकर गहरी गजलों तक, और मराठी, बांग्ला और अनगिनत भाषाओं के गीतों में उनकी असाधारण महारत तक-उन्होंने सब कुछ किया, ठीक वैसे, जैसा सिर्फ वही कर सकती थीं। हममें से बहुतों के लिए, वह सिर्फ एक प्रेरणा ही नहीं थीं… बल्कि हमारी संगीत-रूह का एक हिस्सा थीं।”

यह भी पढ़ें- आशा भोसले को याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, जानें किस स्टार ने क्या कहा?