नई दिल्ली: JEE Main 2026 सेशन-1 परीक्षा का आयोजन जारी है। आज चौथे दिन की पहली शिफ्ट की परीक्षा पूरी हो चुकी है। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों के शुरुआती फीडबै
नई दिल्ली: JEE Main 2026 सेशन-1 परीक्षा का आयोजन जारी है। आज चौथे दिन की पहली शिफ्ट की परीक्षा पूरी हो चुकी है। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों के शुरुआती फीडबैक के अनुसार, ओवरऑल पेपर का लेवल मीडियम रहा। स्टूडेंट्स ने बताया कि मैथ्स अपेक्षाकृत मुश्किल था, केमिस्ट्री लंबी लगी, जबकि फिजिक्स तुलनात्मक रूप से ज्यादा स्कोरिंग रहा। अब कुछ घंटों बाद दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शुरू होगी और शाम 6 बजे तक चलेगी।
JEE Main 2026 Day-4 Shift-1 का पेपर कैसा रहा? छात्रों का रिएक्शन और सब्जेक्ट-वाइज डिफिकल्टी
JEE Main 2026: आज की पहली शिफ्ट में शामिल हुए उम्मीदवारों ने बताया कि पेपर का पैटर्न सामान्य रहा और प्रश्नों का वितरण भी संतुलित नजर आया। हालांकि, कई छात्रों ने यह भी कहा कि समय मैनेजमेंट इस शिफ्ट में अहम रहा, खासकर केमिस्ट्री और मैथ्स में।
मैथ्स को लेकर अधिकतर स्टूडेंट्स का कहना था कि सवाल कॉन्सेप्ट बेस्ड थे और कुछ प्रश्नों में कैलकुलेशन ज्यादा लगा। इसी वजह से यह सेक्शन थोड़ा टफ महसूस हुआ। वहीं केमिस्ट्री में सवालों की संख्या और पढ़ने में लगने वाला समय ज्यादा होने के कारण कई छात्रों को यह “लंबा” लगा।
फिजिक्स को लेकर ज्यादातर स्टूडेंट्स ने कहा कि यह सेक्शन तुलनात्मक रूप से आसान और स्कोरिंग था। जिन छात्रों की बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर थे, उनके लिए फिजिक्स में अच्छे नंबर लाना संभव माना गया।
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इस तरह के पेपर में सबसे जरूरी होता है कि छात्र पहले स्कोरिंग सवाल चुनें और फिर कठिन प्रश्नों पर जाएं। परीक्षा के बाद छात्रों का यही मानना रहा कि अगर किसी ने स्ट्रैटेजी सही रखी होगी, तो अच्छे स्कोर की उम्मीद की जा सकती है।
तीसरे दिन के ट्रेंड से क्या सीख मिलती है? मॉडरेट पेपर में कैसे बनाएं स्ट्रॉन्ग स्कोर
पिछले दिन यानी तीसरे दिन की परीक्षा को भी कई छात्रों ने मॉडरेट लेवल का बताया था। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह की शिफ्ट में पेपर आसान से मॉडरेट था और तीनों सब्जेक्ट लगभग बराबर कठिनाई के थे। हालांकि मैथ्स को थोड़ा ज्यादा चैलेंजिंग माना गया था।दूसरी शिफ्ट में भी उम्मीदवारों ने पेपर को मीडियम बताया था। वहां भी ट्रेंड यही रहा कि मैथ्स सबसे कठिन लगा, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री में स्कोरिंग के मौके ज्यादा थे।
इस ट्रेंड से एक बात साफ निकलकर आती है—जो छात्र सिर्फ कठिन सवालों में फंस जाते हैं, उनका टाइम निकल जाता है। इसलिए मॉडरेट पेपर में स्ट्रॉन्ग स्कोर बनाने के लिए जरूरी है कि पहले आसान और जल्दी हल होने वाले प्रश्नों को टारगेट किया जाए।इसके अलावा, परीक्षा के दौरान नेगेटिव मार्किंग का ध्यान रखना भी जरूरी है।
कई बार जल्दबाजी में गलत उत्तर देने से स्कोर नीचे चला जाता है। जो छात्र अपने अटेम्प्ट्स को बैलेंस रखते हैं और सटीकता पर ध्यान देते हैं, उनके लिए मीडियम पेपर भी अच्छा स्कोर दिला सकता है।
रिजल्ट कब आएगा? दूसरी शिफ्ट टाइमिंग और आगे की जरूरी अपडेट्स
अब जब चौथे दिन की पहली शिफ्ट पूरी हो चुकी है, तो दूसरी शिफ्ट का आयोजन दोपहर 3 बजे से होगा। यह शिफ्ट शाम 6 बजे तक चलेगी। आमतौर पर दोनों शिफ्ट के पेपर में डिफिकल्टी का थोड़ा फर्क हो सकता है, इसलिए दूसरी शिफ्ट के बाद भी स्टूडेंट्स के रिएक्शन अहम रहेंगे।
रिजल्ट को लेकर उम्मीद की जा रही है कि यह फरवरी के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकता है। पिछले साल के ट्रेंड्स को देखें तो रिजल्ट 11 से 14 फरवरी के बीच किसी भी दिन आ सकता है। हालांकि, फाइनल डेट की पुष्टि आधिकारिक नोटिस के बाद ही होगी।
रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार अपना स्कोर और परफॉर्मेंस ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकेंगे। छात्रों को सलाह है कि वे आधिकारिक अपडेट्स पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
फिलहाल JEE Main 2026 परीक्षा का माहौल पूरी तरह एक्टिव है और हर शिफ्ट के बाद नया एनालिसिस सामने आ रहा है। ऐसे में जिन छात्रों की परीक्षा आने वाली है, उनके लिए यह ट्रेंड समझना और उसी हिसाब से तैयारी करना काफी फायदेमंद हो सकता है।
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