सरकारी बस स्टैंड की जमीन पर भू माफिया का कब्जा: गोपालगंज के राजेंद्र बस स्टैंड की करोड़ों की कीमत वाली सरकारी जमीन पर फर्जी जमाबंदी करने वाले अंचल अधिकारी (CO) गुलाम सरवर को सस्पेंड कर दिया गया है। जिलाधिकारी मो. मकसूद आलम ने इस मामले की जांच कराई थी, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद आरोपी CO गुलाम सरवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी और अब उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के द्वारा निलंबित कर दिया गया ।
फर्जी जमाबंदी का मामला
सरकारी बस स्टैंड की जमीन पर भू माफिया का कब्जा: जांच में सामने आया कि गोपालगंज के राजेंद्र बस स्टैंड की 85 कट्ठा जमीन पर भू माफिया अजय दूबे ने अंचल अधिकारी और अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी जमाबंदी संख्या 792 कायम कराई थी। इस फर्जीवाड़े के जरिए जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। जिलाधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, अपर समाहर्ता एसडीओ और डीसीएलआर की जांच में इस फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। जांच पूरी होते ही 18 सितंबर 2024 को गोपालगंज के नगर थाने में केस दर्ज कराया गया था।
कार्रवाई की शुरुआत
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जिलाधिकारी मो. मकसूद आलम ने सरकारी जमीन पर हो रही गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद जांच का आदेश दिया था। जांच में पाया गया कि राजस्व कर्मचारी और सीओ की मिलीभगत से यह सारा फर्जीवाड़ा किया गया था। डीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर CO गुलाम सरवर, राजस्व कर्मचारी दिनेश चंद्र मिश्रा और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तत्काल प्रभाव से आरोपी CO को निलंबित कर दिया।
विभागीय संकल्प
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी संकल्प में बताया गया कि गोपालगंज जिलाधिकारी की 23 सितंबर 2024 की रिपोर्ट में यह मामला सामने आया था। आरोपी सीओ गुलाम सरवर का मुख्यालय निलंबन अवधि में तिरहुत प्रमंडल का कार्यालय रहेगा।
निष्कर्ष
इस घटना से साफ होता है कि सरकारी जमीनों पर कब्जे के मामले में प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है। जिलाधिकारी की तत्परता और विभाग की कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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