Chhoti Diwali 2025 Date: इस साल छोटी दिवाली 2025 (Chhoti Diwali 2025) यानी नरक चतुर्दशी का पर्व 19 अक्टूबर 2025, रविवार के दिन पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घर की सफाई, अभ्यंग स्नान, और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व होता है। लोग दीप जलाकर यमराज को दीपदान भी करते हैं ताकि नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहे और सुख-समृद्धि का आगमन हो।
Narak Chaturdashi 2025: पौराणिक कथा और पूजा विधि
पौराणिक मान्यता के अनुसार, नरक चतुर्दशी के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था और 16,000 बंदी महिलाओं को मुक्त कराया था। इस घटना को ही नरक चतुर्दशी की कथा (Narak Chaturdashi Story) कहा जाता है। इसलिए यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
संबंधित आर्टिकल्स
Aaj Ka Panchang 29 October 2025: आज की तिथि, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और व्रत पर्व की पूरी जानकारी
Aaj Ka Panchang 28 October 2025: कार्तिक शुक्ल षष्ठी का शुभ संयोग, जानें आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल
Diya Decoration Ideas: इस दिवाली ऐसे सजाएं दीये कि सब कहें वाह! क्या डेकोरेशन है!
Diwali Special Sabudana Kheer: इस दिवाली घर पर बनाएं ऐसी खीर जिसे खाकर सब कहेंगे वाह क्या स्वाद है!
Diwali Party Night Makeup Tips: Celeb जैसा लुक चाहिए दिवाली पार्टी में? जानिए ये Magical Makeup Formula!
Diwali Diya Vastu Tips: दरवाजे के पास दीया ऐसे रखें वरना हो जाएगी बरकत बंद – जानिए सही नियम!
इस दिन सुबह अभ्यंग स्नान का महत्व (Abhyang Snan Significance) बताया गया है, जिससे शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि होती है। साथ ही, लोग इस दिन यम दीपदान विधि (Yam Deep Daan Vidhi) का पालन करते हैं ताकि अकाल मृत्यु का भय दूर हो और घर में सकारात्मकता बनी रहे।
कई जगहों पर इस दिन को काली चौदस या रूप चौदस परंपरा के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं उबटन लगाकर रूप-सौंदर्य बढ़ाने की परंपरा निभाती हैं।
Chhoti Diwali 2025 का महत्व और उत्सव की परंपरा
Chhoti Diwali celebration पूरे देश में दिवाली से एक दिन पहले धूमधाम से मनाया जाता है। लोग अपने घरों को दीपक और रंगोली से सजाते हैं। कुछ स्थानों पर इसे रूप चौदस के नाम से मनाया जाता है, जहां सौंदर्य, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है।
शाम के समय हनुमान जी की पूजा करने की परंपरा है क्योंकि माना जाता है कि इस रात नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय होती हैं। हनुमान जी की आराधना से बुरी नजर, भय और संकटों से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि यह पर्व आध्यात्मिक सुरक्षा और मानसिक शांति दोनों का प्रतीक माना जाता है।
साथ ही, इस दिन की पूजा विधि में तेल स्नान, तिलक, दीपदान और हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह परंपरा Indian festival stories में एक विशेष स्थान रखती है।
छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली 2025 में क्या फर्क है?
कई लोग यह सवाल पूछते हैं Choti Diwali aur Badi Diwali kab hai (छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली कब है)? तो आपको बता दें कि छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी 19 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी, जबकि बड़ी दिवाली (Diwali 2025) 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को होगी।
Choti Diwali and Badi Diwali 2025 का यह क्रम हर साल तिथि के अनुसार बदलता रहता है क्योंकि यह चंद्र कैलेंडर (Lunar Calendar) पर आधारित है। इस वर्ष, दोनों पर्व रविवार और सोमवार को पड़ने के कारण चार दिन का त्योहार श्रृंखला बनेगी धनतेरस, छोटी दिवाली, बड़ी दिवाली, और गोवर्धन पूजा।
Chhoti Diwali 2025 Date के अनुसार यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आंतरिक और बाहरी शुद्धि का भी अवसर प्रदान करता है। अभ्यंग स्नान, दीपदान और हनुमान जी की पूजा से जीवन में ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि का संचार होता है।
यह भी पढ़ें:- Maa Lakshmi And Lord Ganesh 2025: 21 अक्टूबर को करें ये खास पूजा, मां लक्ष्मी और गणेश जी देंगे सुख-समृद्धि का वरदान!
यह भी पढ़ें:- Rama Ekadashi Vrat Katha 2025: बस इस कथा का पाठ करिए, विष्णुजी की कृपा बरसेगी हर घर में!