बिहार की सियासत में हलचल तब बढ़ गई जब भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव Bihar Politics Dipankar Bhattacharya Statement ने साफ कहा कि बिहार को बदलना है तो पहले सरकार बदलनी होगी। वे रविवार को सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी और सीट बंटवारे पर जल्द फैसला होगा।

महागठबंधन और सीट शेयरिंग पर बड़ा अपडेट

भट्टाचार्य ने बताया कि उनकी पार्टी बिहार के 243 में से 43 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। Mahagathbandhan seat sharing पर अभी बातचीत जारी है और इस महीने के अंत तक सीटों का बंटवारा तय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में बेरोजगारी, शिक्षा और पलायन जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब Bihar Election 2025 को लेकर सभी दल अपनी रणनीति बना रहे हैं।

बेरोजगारी और पलायन बने चुनावी मुद्दे

भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में Unemployment in Bihar सबसे बड़ी चुनौती है। नौजवानों को स्थायी नौकरी नहीं मिल रही और जो अस्थायी नौकरी कर रहे हैं, उन्हें भी निकाला जा रहा है। पलायन और गरीबी की समस्या से निपटने के लिए मजबूत सरकार की जरूरत है। विपक्षी दल इसे लेकर लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

पेंशन और सरकारी कर्मचारियों की समस्याएं

Bihar Politics Dipankar Bhattacharya Statement
बिहार चुनाव में महागठबंधन की सीट शेयरिंग को लेकर बयान