बिहार: दोस्त की मदद के लिए युवक ने रची फर्जी लूट की साजिश, पुलिस ने किया भंडाफोड़

By
Last updated:
Follow Us
follow
Samastipur News

Your Trusted Source of Truth

सहरसा जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने दोस्त की मदद के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच कर साजिश का पर्दाफाश किया और दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं इस फर्जी लूट की पूरी कहानी।

दिनदहाड़े हुई फर्जी लूट की वारदात से मचा हड़कंप

सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र के पूरब बाजार स्थित नलकूप रोड पर सोमवार को दिनदहाड़े लूट की खबर ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत हरकत में आकर इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह मामला सामान्य लूट का लगा, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने जांच में गहराई बढ़ाई, फर्जी लूट की सच्चाई सामने आने लगी।

पुलिस की सख्ती पर युवक ने किया खुलासा

पुलिस ने जब तथाकथित पीड़ित मोहम्मद नसीर से पूछताछ की, तो नसीर ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने स्वीकार किया कि उसके साथ लूट जैसी कोई घटना नहीं हुई थी। उसने बताया कि अपने दोस्त की मदद के लिए ही उसने लूट की झूठी कहानी बनाई थी। नसीर के मुताबिक, उसका दोस्त मोहम्मद चांद बीमार था, और उसकी मदद के लिए वह उसे पैसे देना चाहता था। लेकिन नसीर के पिता ने उसे पैसे देने से मना कर दिया। इस वजह से उसने अपने दोस्त मोहम्मद नौशाद के साथ मिलकर लूट का नाटक रचने का फैसला किया।

लूट का ड्रामा कैसे रचा गया?

नसीर ने अपने प्लान के मुताबिक पूरब बाजार स्थित बैंक ऑफ इंडिया से एक लाख रुपये निकाले। इन पैसों और अपने मोबाइल फोन को उसने अपने दोस्त नौशाद के घर में छिपा दिया। नसीर ने सोचा कि उसके पिता इस मामले को पुलिस तक नहीं ले जाएंगे। लेकिन जब उसके पिता ने पुलिस से संपर्क करने से मना कर दिया, तो नसीर ने खुद पुलिस को घटना की जानकारी दी। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान उसकी कहानी में झोल पाकर शक के आधार पर उससे सख्ती से पूछताछ की, जिससे पूरा सच सामने आ गया।

सीसीटीवी फुटेज से मिली फर्जी लूट की साजिश की जानकारी

सदर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि पुलिस को CCTV फुटेज में नसीर की संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। इसके बाद पुलिस ने नसीर से कड़ाई से पूछताछ की, जिससे उसने अपनी फर्जी कहानी का पर्दाफाश कर दिया। इसके बाद पुलिस ने नौशाद के घर से एक लाख रुपये और नसीर का मोबाइल बरामद किया।

दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

नसीर और उसके दोस्त नौशाद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है और दोनों आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

नसीर के पिता का राजनीतिक कनेक्शन

मालूम हो कि नसीर के पिता मोहम्मद नजीर का सहरसा में राजनीतिक प्रभाव भी है। वे नगर निगम चुनाव में महापौर पद के लिए उम्मीदवार थे और उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त किया था। इस वजह से इस मामले ने और भी तूल पकड़ लिया है।

Bihar News में इस तरह की फर्जी घटनाएं आम जनता और पुलिस के लिए एक बड़ा सबक हैं कि कानून को अपने फायदे के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

इसे भी पढ़े :-

For Feedback - support@samastipurnews.in

Leave a Comment

< PREV NEXT >