बिहार के नालंदा जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। मजदूरों से भरी एक पिकअप वैन अनियंत्रित होकर पुल से टकरा गई, जिससे वैन पर सवार कई लोग 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरे। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक मासूम बच्ची भी शामिल है, जबकि 16 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना का विवरण

यह हादसा बख्तियारपुर-रजौली एनएच 20 पर सिरनामा गांव के पास हुआ। नवादा जिले के स्टालिन गांव के निवासी मजदूर पिकअप वैन से गोरखपुर स्थित एक ईंट भट्टे पर काम करने जा रहे थे। रास्ते में पिकअप वैन अनियंत्रित हो गई और पुल से टकरा गई। टक्कर के बाद कई मजदूर वैन से गिरकर गहरे गड्ढे में जा गिरे।

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स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की और घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

घायलों और मृतकों की पहचान

पुलिस के अनुसार, हादसे में मरने वालों में लाक्षो मांझी के पुत्र बोध मांझी (30 वर्ष) और राजेंद्र मांझी की दो माह की बेटी आंचल कुमारी शामिल हैं। घायलों में वीरू मांझी, बाला मांझी, अनुज मांझी, देवी मांझी, बसंती देवी, अनीता देवी, पिंकी देवी, लक्ष्मीनिया देवी, मुकेश मांझी, राखी कुमारी, रोशनी कुमारी, बिरजू मांझी और बुचा मांझी शामिल हैं।

गंभीर रूप से घायल मजदूरों का इलाज

तीन गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बाकी घायलों का इलाज बिहारशरीफ सदर अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस की कार्रवाई

वेना थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिकअप वैन की तेज रफ्तार हादसे का कारण हो सकती है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

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स्थानीय लोगों की मदद से बची कई जानें

स्थानीय लोगों ने घायलों को समय रहते गड्ढे से बाहर निकाला, जिससे कई जिंदगियां बच गईं। हालांकि, इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।

नालंदा में हुई इस घटना से एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों की गति नियंत्रण के महत्व पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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