बेगूसराय: NTPC, जो भारत की प्रमुख विद्युत कंपनी है, अपने ऊर्जा उत्पादन को दक्षता के साथ जारी रखते हुए 2032 तक 130 गीगावॉट क्षमता अर्जित करने की योजना बना रही है। NTPC बरौनी के परियोजना प्रमुख जयदीप घोष ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस भवन में आयोजित प्रेस मीट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य नवप्रवर्तन और स्फूर्ति से संचालित होते हुए किफायती, दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल विद्युत ऊर्जा प्रदान करना है। यह जानकारी बेगूसराय न्यूज में भी प्रमुखता से आई है।

NTPC की विकास दृष्टि और Begusarai का योगदान

घोष ने बताया कि NTPC भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ हाइड्रो, परमाणु और नवीनीकरण ऊर्जा का उपयोग कर रही है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम हो रहा है। वर्तमान में, एनटीपीसी की स्थापित क्षमता 76,294 मेगावाट है, जिसमें 51 एनटीपीसी स्वामित्व वाले और 42 संयुक्त उद्यम शामिल हैं। NTPC का 2032 तक 130 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य लगभग 50 प्रतिशत नवीकरणीय स्रोतों, जैसे सौर, जल और वायु से हासिल किया जाएगा।

बरौनी थर्मल पावर स्टेशन का महत्व और Begusarai न्यूज की चर्चा

बिहार के बेगूसराय जिले में गंगा नदी के किनारे स्थित बरौनी थर्मल पावर स्टेशन 500 मेगावाट का कोयला आधारित बिजली स्टेशन है। 2018 में बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड ने इस बिजली स्टेशन का हस्तांतरण एनटीपीसी को किया, और यहां से उत्पादित बिजली का पूरा हिस्सा बिहार को जाता है। बेगूसराय न्यूज में इस परियोजना के महत्व को भी व्यापक रूप से बताया गया है।

सामुदायिक विकास की पहल और NTPC की प्रतिबद्धता

NTPC बरौनी ने जल संसाधन संरक्षण और प्रबंधन के लिए भारत सरकार द्वारा बड़े उद्योग अनुभाग में प्रथम स्थान, गोल्डन पीकॉक पर्यावरण प्रबंधन पुरस्कार-2024 और PRCI उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त किया है। घोष ने सामुदायिक विकास के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि एनटीपीसी बरौनी पर्यावरण सुरक्षा और सामुदायिक विकास के लिए लगातार प्रयासरत है।

संबंधित खबरें (Also Read)