AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित वैश्विक तकनीकी सम्मेलन के दौरान राजधानी का ऐतिहासिक होटल अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का केंद्र बन गया है। दुनिया भर से आए
AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित वैश्विक तकनीकी सम्मेलन के दौरान राजधानी का ऐतिहासिक होटल अंतरराष्ट्रीय मेहमानों का केंद्र बन गया है। दुनिया भर से आए नेताओं और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों का स्वागत भारतीय संस्कृति, खान-पान और पारंपरिक आतिथ्य के साथ किया जा रहा है। इस आयोजन के जरिए भारत ने तकनीक के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की कोशिश की है।
AI Impact Summit 2026: सांस्कृतिक अनुभव के साथ ग्लोबल डिप्लोमेसी की झलक
ताज महल, नई दिल्ली में आयोजित मेहमाननवाज़ी कार्यक्रम के दौरान कई देशों के उच्च पदाधिकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि ठहरे हुए हैं। यहां पारंपरिक नृत्य जैसे कथकली, भरतनाट्यम और लावणी की प्रस्तुतियां कराई जा रही हैं। लाइव भारतीय संगीत और थीम आधारित सजावट से विदेशी प्रतिनिधियों को देश की विविधता का अनुभव कराया जा रहा है।इस आयोजन को AI Impact Summit 2026 से जुड़ी सॉफ्ट डिप्लोमेसी पहल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आज वैश्विक मंचों पर केवल टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रस्तुति भी कूटनीतिक भूमिका निभाती है। होटल में खास भारतीय मोटिफ, ट्यूलिप थीम इंस्टॉलेशन और पारंपरिक स्वागत शैली का उपयोग इसी रणनीति का हिस्सा है।यह कदम डिजिटल सहयोग के साथ सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ाने की कोशिश भी माना जा रहा है। भारत पिछले कुछ वर्षों से ग्लोबल टेक मीटिंग्स में “टेक + कल्चर” मॉडल को बढ़ावा दे रहा है ताकि देश की पहचान सिर्फ आईटी शक्ति के रूप में नहीं बल्कि सभ्यतागत शक्ति के रूप में भी स्थापित हो सके।
खान-पान, वेलनेस और भारत की सॉफ्ट पावर
सम्मेलन में आए मेहमानों के लिए विशेष भारतीय व्यंजन तैयार किए गए हैं। अलग-अलग राज्यों के स्वाद को आधुनिक प्रस्तुति में परोसा जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय डिशेज भी उपलब्ध हैं। शेफ की टीम लाइव कुकिंग और इंटरैक्टिव फूड सेशन के जरिए भारतीय खान-पान की कहानी भी समझा रही है।साथ ही वेलनेस सेशन, आयुर्वेदिक थेरेपी और कस्टम मीटिंग व्यवस्था भी तैयार की गई है।
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आयोजन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ ठहरने की सुविधा नहीं बल्कि “अनुभव आधारित आतिथ्य” है। इसी संदर्भ में India AI Impact Summit 2026 से जुड़े प्रतिनिधियों को स्थानीय संस्कृति समझाने पर जोर दिया गया है।विशेषज्ञ मानते हैं कि वैश्विक सम्मेलन अब केवल नीतियों तक सीमित नहीं रहे। वे देशों की ब्रांडिंग का माध्यम बनते जा रहे हैं। भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक छवि को भी मजबूत करना चाहता है।
- वैश्विक सम्मेलन में सांस्कृतिक प्रस्तुति कूटनीति का अहम हिस्सा बन रही
- टेक्नोलॉजी सहयोग के साथ पर्यटन और ब्रांडिंग भी जुड़ती है
- भारत “टेक्नोलॉजी + ट्रेडिशन” मॉडल को बढ़ावा दे रहा
यह आयोजन बताता है कि भविष्य की वैश्विक साझेदारियां केवल तकनीकी समझौतों से नहीं बल्कि सांस्कृतिक समझ से भी तय होंगी।
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