बिहार शिक्षक विवाद: नालंदा के हिलसा में स्थित रामबाबू हाईस्कूल में दो शिक्षकों के बीच झगड़ा उस वक्त हंगामे में बदल गया जब छात्रों के सामने ही दोनों आपस में भिड़ गए। विज्ञान के शिक्षक अवधेश प्रसाद और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक रविंद्र प्रसाद के बीच पहले तो कहासुनी हुई, लेकिन बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगे। इस घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल हुआ है।

गेट खुलने का इंतजार करते हुए हुआ विवाद

बिहार शिक्षक विवाद: स्कूल का मुख्य गेट बंद था और सभी शिक्षक और बच्चे अंदर जाने का इंतजार कर रहे थे। तभी इन दोनों शिक्षकों के बीच किसी पुरानी बात को लेकर झगड़ा शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ गई कि एक शिक्षक ने दूसरे को लात मारी और जवाब में उसे जमीन पर पटक दिया। बच्चों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक मामला हाथ से निकाल गया था ।

छात्रों के सामने शिक्षकों की शर्मनाक हरकत

जब यह लड़ाई हो रही थी, उस वक्त कई छात्र-छात्राएं भी वहां मौजूद थे। लड़ाई के दौरान दोनों शिक्षकों ने एक-दूसरे को गालियां भी दीं, जिससे कुछ छात्राएं डरकर वहां से भाग गईं, जबकि बाकी बच्चे इस तमाशे को देखकर हंस रहे थे। यह पूरा वाकया देखकर ऐसा लग रहा था जैसे स्कूल किसी अखाड़े में बदल गया हो।

शिक्षकों के आचरण पर सवाल

इस घटना के बाद शिक्षकों के आचरण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल के प्रिंसिपल संजीव कुमार ने कहा कि इस झगड़े की जानकारी उन्हें मिल चुकी है और इसकी जांच की जाएगी। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि अगर शिक्षक खुद इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो वे बच्चों को क्या सिखाएंगे?

शिक्षा की छवि पर असर

इस घटना ने न सिर्फ स्कूल का माहौल खराब किया है, बल्कि शिक्षा जगत की छवि को भी धूमिल किया है। शिक्षकों का ऐसा व्यवहार बच्चों के लिए एक बुरा उदाहरण है, और इस तरह की घटनाओं से समाज में शिक्षक समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है।

निष्कर्ष: यह घटना शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन और आचरण के महत्व को रेखांकित करती है। शिक्षकों के इस तरह के व्यवहार से बच्चों के सामने गलत उदाहरण पेश होता है और समाज में शिक्षक की छवि पर बुरा असर पड़ता है। मामले की जांच चल रही है और उचित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

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