30 जनवरी 2026 को कमोडिटी बाजार में Silver की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीते कुछ दिनों पहले रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद Silver के भाव एक झटके में करीब 20,000 रुपये प्रति किलो तक टूट गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर यह गिरावट इतनी तेज रही कि निवेशक और बाजार विशेषज्ञ दोनों हैरान रह गए। गुरुवार को जहां Silver 3.99 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास बंद हुई थी, वहीं शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही कीमतें फिसल गईं और मार्च एक्सपायरी वाला कॉन्ट्रैक्ट 3,79,942 रुपये प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। यह लगभग 5 फीसदी की एकदिनी गिरावट है, जिसे हाल के महीनों में असामान्य माना जा रहा है।
MCX पर क्यों टूटी Silver की कीमत?
कमोडिटी बाजार में अचानक आई इस गिरावट के पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं। सबसे बड़ी वजह है हालिया तेज़ी के बाद मुनाफावसूली। बीते हफ्तों में चांदी ने जिस तेजी से नए रिकॉर्ड बनाए, उसके बाद बड़े निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा और भाव तेजी से नीचे आ गए।
दूसरी अहम वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े संकेत हैं। ग्लोबल लेवल पर डॉलर इंडेक्स में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल देखने को मिला है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा, अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है। जब ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना होती है, तो निवेशक गोल्ड-सिल्वर जैसे एसेट्स से पैसा निकालकर दूसरे विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
इसके साथ ही औद्योगिक मांग को लेकर भी कुछ चिंताएं सामने आई हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर में उपयोग होने वाली चांदी की मांग पर वैश्विक आर्थिक सुस्ती का असर पड़ सकता है। यही वजह है कि तेजी के बाद बाजार ने खुद को संतुलित करने के लिए करेक्शन दिखाया।
निवेशकों के लिए आगे क्या संकेत हैं?
Silver में आई इस बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे का रुख क्या होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबी अवधि में चांदी की बुनियादी मांग मजबूत बनी हुई है, खासकर ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इंडस्ट्रियल सेक्टर से। हालांकि, शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
अगर कीमतें 3.70 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास टिकती हैं, तो यहां से दोबारा स्थिरता देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर ग्लोबल मार्केट से नकारात्मक संकेत जारी रहते हैं, तो और गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। छोटे निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि जल्दबाजी में फैसले न लें और चरणबद्ध तरीके से निवेश करें।
Silver की कीमतों में आई यह तेज गिरावट बाजार की स्वाभाविक करेक्शन मानी जा रही है। रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद मुनाफावसूली, वैश्विक संकेत और डॉलर की मजबूती ने मिलकर दाम नीचे खींचे हैं। लंबे समय के निवेशक इसे अवसर के तौर पर देख सकते हैं, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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