राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2024–25 में Samastipur Municipal Corporation ने राज्य स्तर पर 27वां और राष्ट्रीय स्तर पर 580वां स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा फरवरी और मार्च 2025 के बीच कराए गए सर्वे के आधार पर दी गई है।

इस बार सर्वेक्षण में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी, और मशीन आधारित सफाई जैसे कई मानकों को ध्यान में रखते हुए अंक दिए गए। हालांकि नगर निगम को अभी और बेहतर करना बाकी है, लेकिन यह रैंकिंग सुधार के संकेत देती है।

सर्वेक्षण टीम का दौरा और नगर निगम की तैयारी

स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम ने दिल्ली से समस्तीपुर आकर दो दिनों तक नगर निगम के विभिन्न इलाकों में सफाई की स्थिति का गहन निरीक्षण किया। यह टीम गुप्त रूप से अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर नागरिकों से फीडबैक भी लिया। उन्होंने देखा कि किस तरह डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण हो रहा है और किस वार्ड में सफाई पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

सर्वेक्षण में पूछे गए 10 ऑनलाइन सवालों के जवाब भी आम नागरिकों द्वारा फीडबैक के रूप में दर्ज किए गए थे। इसके लिए एक बाहरी एजेंसी को ज़िम्मेदारी दी गई थी जो पूरी प्रक्रिया का मूल्यांकन कर रही थी।

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नगर निगम की ओर से प्रयास और सुधार

नगर निगम द्वारा शहर में कई बदलाव किए गए हैं जैसे कि हर वार्ड में हरे और नीले रंग के डस्टबिन, डंपिंग पॉइंट की स्थापना और सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट की योजना। इसके अलावा ब्रांड एंबेसडर और मास्टर ट्रेनर के माध्यम से दैनिक सफाई कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।

महापौर अनिता राम ने इस रैंकिंग को एक सकारात्मक शुरुआत मानते हुए कहा कि “हमें नागरिकों का सहयोग चाहिए। हम अगले साल और बेहतर रैंकिंग लाने का प्रयास करेंगे।”

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स्वच्छता के लिए निर्धारित अंक और मानक

इस सर्वेक्षण में नगर निगम को कुल 10 प्रमुख बिंदुओं पर स्कोर दिया गया, जिनमें से प्रमुख बिंदु ये हैं:

  • कचरे का पृथक्करण, संग्रहण एवं परिवहन: 1500 अंक
  • सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट: 1500 अंक
  • गंदे जल का प्रबंधन: 1000 अंक
  • मशीन से सफाई: 500 अंक
  • नागरिक शिकायतों का समाधान: 500 अंक

इसके अलावा स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान, ईको-सिस्टम सुधार, और स्वच्छता कर्मियों के कल्याण जैसे बिंदु भी शामिल थे।

आगे की दिशा और संभावनाएं

हालांकि समस्तीपुर की रैंकिंग अभी औसत स्तर पर है, लेकिन वर्तमान सुधार और जनसहभागिता के चलते आगामी वर्षों में Samastipur Municipal Corporation निश्चित रूप से राज्य के शीर्ष नगर निगमों में जगह बना सकता है। जनता की भागीदारी, तकनीकी हस्तक्षेप और पारदर्शिता अगर बनी रहती है, तो यह संभव है।

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