गया: बिहार में कई किसान ऐसे हैं जो कभी मधुमक्खी पालन के व्यवसाय से जुड़े थे और इससे अच्छी आमदनी भी कमा रहे थे। खासकर, गया जिले में एक समय 15 से 20 बड़े मधुमक्खी पालक सक्रिय थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस व्यवसाय से किसानों की दिलचस्पी कम हो गई है। आज की स्थिति यह है कि केवल 3 से 4 किसान ही गया में बड़े पैमाने पर मधुमक्खी पालन कर रहे हैं।

प्रत्येक साल सीजन के दौरान लगभग 20 से 25 किसान इस व्यवसाय को अपनाते हैं, लेकिन कुछ महीनों बाद इसे छोड़ देते हैं। इसका कारण मौसम की अनुकूलता न होना, तकनीकी कठिनाइयां और लाभ में लगातार गिरावट जैसी समस्याएं हैं, जो किसानों को इसे जारी रखने से रोकती हैं।

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