मुजफ्फरपुर के कांटी NH 28 के किनारे स्थित मां छिन्नमस्तिका का भव्य मंदिर सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है। यहां सालभर भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। खासकर, शारदीय नवरात्रि में विशेष पूजा के अनुष्ठान और भव्य मेला आयोजित किया जाता है। मुजफ्फरपुर ब्रेकिंग न्यूज में यह खबर भी तेजी से फैल रही है कि यहां हर अमावस्या को होने वाली निशा पूजा का विशेष महत्व है।

छिन्नमस्तिका माता के दरबार में इच्छाओं की परंपरा

नवरात्र का यह समय मुजफ्फरपुर के भक्तों के लिए विशेष है। मुजफ्फरपुर टुडे न्यूज के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण झारखंड के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर की तर्ज पर किया गया है। भक्त यहां मां को नारियल चुनरी में बांधकर छिन्नमस्तिका माता के दरबार में इच्छाओं की परंपरा का पालन करते हैं। यह विशेष परंपरा भक्तों की आस्था और विश्वास को दर्शाती है।

छिन्नमस्तिका माता से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भेंट

इस मंदिर के अद्भुत आंतरिक और बाहरी ढांचे में नवग्रहों और पंच तत्वों का प्रतीकात्मक रूप से समावेश किया गया है। भक्त यहां माता को चढ़ावे के रूप में नारियल और चुनरी अर्पित कर छिन्नमस्तिका माता के आशीर्वाद को प्राप्त करते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि जो भी मन्नतें यहां मांगी जाती हैं, वे अवश्य पूरी होती हैं।

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पुजारी का बयान और विशेष पूजा का महत्व

मंदिर के प्रधान पुजारी मुकेश प्रियदर्शी ने मुजफ्फरपुर न्यूज को बताया कि इस मंदिर की कई प्राचीन विशेषताएँ हैं। यहां देवी का वाम स्वरूप होते हुए भी वैष्णव पद्धति से पूजा की जाती है, और इस शक्तिपीठ में किसी प्रकार की बलि नहीं दी जाती। शारदीय नवरात्रि के दौरान, इस मंदिर में होने वाली पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है।