मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने ट्रेन टिकटों से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह लोकल ट्रेन टिकटों में हेरफेर करता था और उन्हें लंबी दूरी के टिकटों में बदल देता था। फिर ये फर्जी टिकट काउंटर पर खड़े मासूम लोगों को बेच दिए जाते थे।

मुजफ्फरपुर की आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) टीम ने तकनीकी निगरानी के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के चार आरोपियों को पटना से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सैकड़ों स्टांप, फर्जी टिकट और कई मोबाइल फोन मिले है ।

गिरोह का तरीका था अलग

गिरोह का अपराध करने का तरीका थोड़ा अलग था। पहले गिरोह का एक सदस्य किसी व्यस्त रेलवे जंक्शन से नजदीकी स्टेशन के लिए लोकल टिकट खरीदता था। फिर गिरोह का दूसरा सदस्य उस लोकल टिकट को लंबी दूरी की अंतरराज्यीय ट्रेन टिकट में बदल देता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर पर खड़े लोगों को झांसा देकर इन टिकटों को बेच देते थे।

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गिरोह का खुलासा कैसे हुआ

यह घोटाला तब सामने आया जब एक यात्री दो महीने पहले खरीदी गई अपनी रेल टिकट को वापस करने गया। तभी उसे एहसास हुआ कि उसके टिकट के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसके बाद यात्री ने मुजफ्फरपुर थाने में मामला दर्ज कराया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

मुजफ्फरपुर की आरपीएफ टीम ने तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरोह की पहचान की। अंततः दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस को पटना के गोरिया टोली इलाके के एक होटल में गिरोह के चार सदस्य छिपे हुए मिले। पुलिस ने होटल में छापा मारा और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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आरपीएफ इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए गिरोह के कारनामे को बेनकाब किया।

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