बिहार के मुजफ्फरपुर में डीह जीवर पंचायत की मुखिया नूरजहां के ससुर मोहमद कलाम को गोली मारने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मुजफ्फरपुर न्यूज़ के अनुसार, पुलिस ने शूटर की पहचान के लिए औराई प्रखंड के CCTV फुटेज की तलाश की, लेकिन कैमरा खराब होने के कारण कोई फुटेज नहीं मिल सका। हालांकि, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। यह क्राइम मामला पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि मोहमद कलाम की हत्या के लिए किसी शूटर को पैसे देकर बुलाया गया था। उन्हें चार गोलियाँ लगी हैं, जिससे उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इस कारण से पुलिस उनका बयान दर्ज नहीं कर सकी है। हथौड़ी पुलिस अब शनिवार को परिवार के सदस्यों के बयान पर FIR दर्ज करेगी।

पुलिस जांच: दुश्मनी की बात से परिजनों ने किया इनकार

पुलिस जांच में बिहार के एएसपी पूर्वी शहरेयार अख्तर ने मुखिया नूरजहां खातून और उनके परिवार के सदस्यों से घटना के संबंध में जानकारी ली। परिजनों द्वारा दुश्मनी की बात से इनकार करने के बाद पुलिस ने हाल ही में हुई राजनीतिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ली। ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों को यह जानकारी थी कि मोहमद कलाम, जो पंचायत के किसानों के लिए फसल क्षति मुआवजा दिलाने के प्रयास में लगे हुए थे, बाढ़ के कारण फसल नुकसान को लेकर प्रखंड स्तर पर आंदोलन करने की योजना बना रहे थे।

गुरुवार सुबह, हमलावरों ने मोहमद कलाम के घर पर जाकर फसल क्षति की तस्वीरें लेने का बहाना बनाया। उन्होंने बताया कि वे पटना से आए हैं और कलाम के साथ खेतों में फोटो भी लिया। लेकिन, उस समय मोहमद कलाम को यह समझ में नहीं आया कि वे दोनों युवक हमलावर हैं। प्रखंड में पहुंचने के बाद भी वे दोनों संदिग्ध युवक कलाम के पीछे-पीछे बाइक से आए, लेकिन फिर भी मोहमद कलाम को इसका एहसास नहीं हुआ।

यह मुजफ्फरपुर न्यूज़ का मामला पुलिस की जांच पर सभी की नजरें टिकाए हुए है, और इसकी गहराई से जांच जारी है।

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