बिहार में आए ‘दाना’ तूफान ने कुम्हार समाज को भारी नुकसान पहुंचाया है। चाइनीज लाइटों की पहले से ही मार झेल रहे इन लोगों का 80% तक व्यापार गिर चुका था, और अब बारिश ने उनकी दो महीने की मेहनत बर्बाद कर दी है। विशेषकर बिहार के भोजपुर जिले के आरा समेत अन्य क्षेत्रों में कुम्हारों को इस तूफान से काफी परेशानी हुई है।

बारिश से 2 महीने की मेहनत पर पानी, बिहार के कुम्हारों को भारी नुकसान

बिहार में कुम्हार इन दिनों दीपावली के लिए दीये और मिट्टी की मूर्तियां बनाने में जुटे थे, लेकिन ‘दाना’ तूफान की वजह से आई बारिश ने उनकी दो महीने की मेहनत पर पानी फेर दिया है। भोजपुर और आरा के कुम्हारों का कहना है कि यदि धूप नहीं निकली, तो ये दीये सूखने में और समय लेंगे, जिससे दीपावली के समय तक बेच पाना मुश्किल होगा। इस वजह से उनका लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है।

2 महीने की मेहनत 2 दिन की बारिश में बर्बाद, कुम्हारों को बारिश और चाइनीज लाइटों से दोहरी मार

कुम्हार समाज का कहना है कि चाइनीज लाइटों के कारण उनकी बिक्री पहले ही 80% तक कम हो चुकी थी। अब ‘दाना’ तूफान से आई लगातार बारिश ने उनके लिए और मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। भोजपुर जिले के कई कुम्हारों ने बताया कि उनके बनाए हुए दीये अभी भी गीले हैं और मौसम के खराब रहने से इन्हें सूखाने में मुश्किलें आ रही हैं। आरा के कुम्हार बताते हैं कि बाजार में उनका माल नहीं बिकेगा तो उनकी रोजी-रोटी चलाना कठिन हो जाएगा।

बारिश ने किया हालात और बदतर, भोजपुर और आरा के कुम्हारों को भविष्य की चिंता

बिहार के भोजपुर जिले में रहने वाले पवन पंडित ने कहा कि इस बार उनकी पूरी मेहनत बारिश के कारण खराब हो गई। उन्होंने बताया कि यदि धूप नहीं निकली, तो दीये सूख नहीं पाएंगे और दिवाली पर बिक्री के बिना उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ जाएगी। आरा के अन्य कुम्हारों का भी कहना है कि मिट्टी के दीये सूखने में देरी होने से समय पर तैयार नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनका 2 महीने का परिश्रम 2 दिन की बारिश में बर्बाद हो गया है।

इस साल बिहार के कुम्हारों के लिए दीपावली का त्यौहार संघर्ष भरा साबित हो रहा है। ‘दाना’ तूफान के कारण हुई बारिश ने उनकी रोजी-रोटी पर गहरा असर डाला है। भोजपुर और आरा के कुम्हार अब उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम जल्द साफ हो, ताकि उनकी मेहनत बेकार न हो और वे दिवाली पर मिट्टी के दीये बेचकर कुछ राहत पा सकें।

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