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AI का असर या बड़ी रणनीति? Meta-Microsoft में 20 हजार नौकरियां खतरे में!

Meta-Microsoft: Meta और Microsoft में हजारों नौकरियों पर खतरे की चर्चा तेज है। AI ऑटोमेशन और नई रणनीतियों को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
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टेक इंडस्ट्री से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां Meta और Microsoft में बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन दोनों कंपनियों में मिलाकर 20 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में हैं। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तेजी से बढ़ता निवेश और ऑटोमेशन को माना जा रहा है।

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Meta-Microsoft AI निवेश और घटती मैनपावर की जरूरत

टेक कंपनियां इस समय AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही हैं। अनुमान है कि इस साल इस क्षेत्र में करीब 700 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे। इसका सीधा असर वर्कफोर्स पर पड़ रहा है। AI के बढ़ते इस्तेमाल से कई मैन्युअल काम अब ऑटोमेट हो रहे हैं। इससे कंपनियों को कम कर्मचारियों में ज्यादा काम करने की सुविधा मिल रही है। इसी कारण कंपनियां अपने खर्च को कम करने के लिए छंटनी कर रही हैं।इसके अलावा महामारी के दौरान हुई अतिरिक्त भर्तियों को भी अब संतुलित किया जा रहा है। कई कंपनियां अपनी टीम को छोटा लेकिन ज्यादा कुशल बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।

पूरे टेक सेक्टर पर दिख रहा असर

यह बदलाव केवल दो कंपनियों तक सीमित नहीं है। Amazon, Alphabet, Nike, Snap और Salesforce जैसी बड़ी कंपनियों ने भी हाल के महीनों में कर्मचारियों की संख्या घटाई है।डेटा के अनुसार, 2026 की शुरुआत से अब तक करीब 92 हजार लोग टेक सेक्टर में अपनी नौकरी खो चुके हैं। वहीं 2020 से 2026 के बीच यह आंकड़ा 9 लाख तक पहुंच चुका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एंट्री-लेवल और सामान्य IT जॉब्स की मांग घट रही है, जबकि AI इंजीनियर और स्पेशलाइज्ड रोल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। यानी आने वाले समय में स्किल-आधारित नौकरियों का महत्व और बढ़ेगा। AI का बढ़ता प्रभाव टेक इंडस्ट्री को तेजी से बदल रहा है। जहां एक तरफ नई तकनीक के अवसर हैं, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक नौकरियों के लिए चुनौती भी बढ़ रही है। आने वाले समय में स्किल अपग्रेड ही सबसे बड़ा समाधान माना जा रहा है।

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लेखक के बारे में By Srota Swati Tripathy

जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|

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