IND vs USA T20 वर्ल्ड कप में भारत ने अमेरिका के खिलाफ अपना पहला मुकाबला जीत तो लिया, लेकिन इस मैच में भारतीय बल्लेबाजी ने ऐसा नकारात्मक रिकॉर्ड बना दिया, जिसने टीम मैनेजमेंट और फैंस दोनों की चिंता बढ़ा दी। वानखेड़े स्टेडियम जैसी बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाने वाली पिच पर भारतीय बैटिंग लाइन-अप दबाव में पूरी तरह बिखरती नजर आई। यह मुकाबला IND vs USA के रूप में याद किया जाएगा, जहां जीत के बावजूद भारत की कमजोरियां खुलकर सामने आ गईं।
IND vs USA: वानखेड़े में ऐतिहासिक बाउंड्री सूखा, बल्लेबाजी पर उठे सवाल
IND vs USA मुकाबले में भारत की पारी का सबसे चौंकाने वाला पहलू रहा बाउंड्री सूखा। पांचवें ओवर से लेकर दसवें ओवर तक लगातार 27 गेंदों पर एक भी चौका या छक्का नहीं लगा। वानखेड़े स्टेडियम के इतिहास में यह भारत का सबसे लंबा बाउंड्री-लेस फेज रहा। आमतौर पर यहां छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड बल्लेबाजों को मदद करती है, लेकिन इस मैच में भारतीय बल्लेबाज अमेरिकी गेंदबाजों के सामने खुलकर खेल नहीं सके।
पावरप्ले खत्म होने तक भारत ने सिर्फ 46 रन बनाए और चार विकेट गंवा दिए। T20 क्रिकेट के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह भारत का तीसरा सबसे कम पावरप्ले स्कोर रहा। शुरुआती विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजों में न तो साझेदारी बन पाई और न ही रन गति पकड़ पाई। तेरह ओवर के बाद स्कोर 77/6 हो गया, जो टी20 में भारत का चौथा सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। यह साफ दिखाता है कि बल्लेबाजी में सही रणनीति और पिच रीडिंग की कमी रही।
सूर्यकुमार-तिलक ने संभाला मोर्चा, फिर भी चिंता बरकरार
भारतीय पारी को पूरी तरह ढहने से बचाने का काम कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा ने किया। सूर्यकुमार ने नाबाद 84 रन की जिम्मेदार पारी खेली, जिसमें हालात के हिसाब से संयम और आक्रामकता दोनों देखने को मिली। तिलक वर्मा ने 25 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। इनके अलावा सिर्फ दो बल्लेबाज ही दहाई का आंकड़ा पार कर सके, जो टीम की बल्लेबाजी गहराई पर सवाल खड़े करता है।
मैच के बाद पूर्व ऑफ-स्पिनर आर. अश्विन ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि यह वानखेड़े की सामान्य आईपीएल पिच जैसी नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों की योजना और अप्रोच दोनों असफल रहीं। अश्विन के मुताबिक, सिर्फ हालात को दोष देना काफी नहीं, बल्लेबाजों को हालात के अनुसार खेलना सीखना होगा।
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी आत्ममंथन का रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जीत के बावजूद गलतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, टीम को आगे के मुकाबलों में अधिक समझदारी से बल्लेबाजी करनी होगी, क्योंकि मजबूत टीमों के खिलाफ ऐसी शुरुआत भारी पड़ सकती है।
यह मैच भारत के लिए चेतावनी की तरह है। जीत मिली, लेकिन बल्लेबाजी में आई गिरावट ने दिखा दिया कि टी20 क्रिकेट में छोटी सी चूक भी बड़ा खतरा बन सकती है। आने वाले मुकाबलों में भारतीय टीम को अपनी रणनीति, शॉट सेलेक्शन और पिच के आकलन पर ज्यादा ध्यान देना होगा, ताकि ऐसे रिकॉर्ड दोबारा न बनें।
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