गोपालगंज: मणिपुर के काकचिंग जिले में शनिवार को हुई गोपालगंज के दो श्रमिकों की हत्या से इलाके में भय और शोक का माहौल है। उग्रवादियों के इस हमले के बाद वहां काम करने वाले बिहारी मजदूरों में डर का माहौल बन गया है। घटना के बाद कई प्रवासी मजदूर मणिपुर छोड़कर बिहार लौट रहे हैं।

घटना का विवरण

शनिवार शाम को काकचिंग-वाबागई रोड पर गोपालगंज के रजवाही बिनटोली गांव के दो युवकों पर हमला हुआ।

  • मृतकों की पहचान:
    1. सोनलाल सहनी (18 वर्षीय), पिता – वीरेंद्र मुखिया।
    2. दशरथ सहनी (17 वर्षीय), पिता – मोहन सहनी।
  • घटना के समय: दोनों युवक अपने चार अन्य मजदूर साथियों के साथ काम कर रूम लौट रहे थे
  • हमले में मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
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मणिपुर सरकार की कार्रवाई

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा:

  1. उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
  2. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
  3. मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

शव का अंतिम संस्कार मणिपुर में ही किया गया

  • मृतकों के परिवार शव को बिहार लाने की कोशिश कर रहे थे।
  • मणिपुर प्रशासन ने शवों की खराब स्थिति को देखते हुए मणिपुर में ही दाह संस्कार करने का सुझाव दिया।
  • साथी मजदूरों और मृतकों के परिजनों की सहमति के बाद वहीं अंतिम संस्कार किया गया।
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बिहारी मजदूरों में दहशत

गोपालगंज के दो युवकों की हत्या के बाद मणिपुर में काम कर रहे बिहारी मजदूर डर के साये में हैं।

  • कई मजदूरों ने काम छोड़ दिया और घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
  • रजवाही गांव के चार मजदूर भी मणिपुर से लौट रहे हैं।
  • मृतक दशरथ के भाई संतोष ने बताया कि अब वे मणिपुर छोड़कर घर लौट रहे हैं

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