IAS Ruchika Jha UPSC Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम 2024 का फाइनल रिजल्ट हाल ही में घोषित हुआ है। इस बार 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने सफलता पाई है। खास बात यह रही कि बिहार की बेटी रुचिका झा ने UPSC Topper From Bihar के रूप में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल कर पूरे राज्य का नाम रोशन किया। उनकी कहानी हर उस शख्स के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर अपने सपनों को साकार करना चाहता है।

Success Story of IAS Ruchika Jha: कौन हैं IAS रुचिका झा?

Success Story of IAS की बात करें तो रुचिका झा मूलरूप से बिहार से संबंध रखती हैं, हालांकि उनका परिवार काफी समय से दिल्ली में निवास कर रहा है। रुचिका के पिता एक केमिस्ट्री के शिक्षक हैं और माता गृहिणी हैं। प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से पूरी करने के बाद रुचिका ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्राप्त की।

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पत्रकारिता से UPSC टॉपर बनने का सफर

इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद भी रुचिका ने अपना करियर पत्रकारिता में बनाने का निश्चय किया। इसके लिए उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी PTI Journalist Cracked UPSC के रूप में पीटीआई में बतौर कॉपी एडिटर कार्य किया। यहीं से उनकी प्रोफेशनल यात्रा ने एक नई दिशा ली।

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कैसे आया सिविल सर्विस में जाने का विचार?

PTI Journalist UPSC Topper रुचिका झा ने 2022 में पीटीआई को अलविदा कहा और एक एजुकेशनल कंपनी में सॉफ्ट स्किल ट्रेनर के रूप में कार्य करना शुरू किया। इसी दौरान उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया। पूर्ण समर्पण और कठिन परिश्रम के साथ उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

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UPSC Topper Ruchika Jha: शानदार रैंक और मार्क्स

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में रुचिका झा ने ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल कर यह सिद्ध कर दिया कि कठिनाइयाँ चाहे जितनी भी हों, उन्हें मात दी जा सकती है। उन्हें कुल 999 अंक प्राप्त हुए, जिससे IAS कैडर मिलने की प्रबल संभावना है। उनकी इस उपलब्धि ने Success Story और UPSC Topper 2025 के लिए एक नया मानक स्थापित किया है।

सफलता की कुंजी: निरंतरता और धैर्य

IAS Ruchika Jha यह साबित करती है कि निरंतरता, धैर्य और आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं। पत्रकारिता से प्रशासनिक सेवा तक का यह सफर उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर हैं और मेहनत करने को तैयार हैं।

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