IAS Divya Tanwar Success Story: नमस्कार मैं सौरभ ठाकुर samastipurnews.in से आपको बताते चले की IAS Divya Tanwar Success Story आज के युवाओं के लिए न केवल प्रेरणा है, बल्कि संघर्ष और संकल्प की मिसाल भी है।

IAS Divya Tanwar Success Story: पिता की मौत के बाद मां ने मजदूरी कर पढ़ाया

Success Story of IAS Divya Tanwar एक साधारण गांव की लड़की की असाधारण यात्रा है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की रहने वाली दिव्या तंवर का जीवन कठिनाइयों से भरा रहा है। जब दिव्या छोटी थीं तभी उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनकी मां बबीता तंवर ने मजदूरी कर दिव्या को पढ़ाया। Divya Tanwar Success Story हमें सिखाती है कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादा पक्का हो तो सफलता संभव है।

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Navodaya की छात्रा से Female IAS Officer बनने तक का सफर

दिव्या की शुरुआती पढ़ाई नवोदय विद्यालय से हुई, जहां वे शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहीं। इसके बाद उन्होंने महेंद्रगढ़ के Government Women’s College से B.Sc की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के प्रति उनकी लगन और मेहनत ही उन्हें Female UPSC Topper और Female IAS Officer के पद तक लेकर गई।

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दिव्या ने ग्रेजुएशन के तुरंत बाद UPSC की तैयारी शुरू की और महज 21 साल की उम्र में 2021 में 438वीं रैंक के साथ पहली बार सफलता पाई। तब उनका चयन के लिए हुआ। लेकिन उन्होंने यहां रुकने की बजाय दोबारा प्रयास किया और 2022 में 105वीं रैंक के साथ बन गईं। यह युवाओं को हार न मानने की सीख देती है।