नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026 — केंद्रीय वित्त मंत्री ने संसद में Budget 2026-27 पेश किया, जिसे देश की दीर्घकालिक आर्थिक विकास रणनीति को मजबूती देने वाला बताया जा रहा है। इस budget में सरकार ने बुनियादी ढांचे, पूंजीगत निवेश, रोजगार सृजन, तकनीक और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी है। खास बात यह रही कि आयकर स्लैब में बड़े बदलाव नहीं किए गए, जिससे मध्यम वर्ग को स्थिरता का संकेत मिला, जबकि निवेश और विकास पर फोकस साफ दिखाई दिया।
Budget: इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश पर सबसे बड़ा जोर
इस budget का सबसे मजबूत स्तंभ इंफ्रास्ट्रक्चर रहा। सरकार ने हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया है। सड़क, रेल और शहरी परिवहन परियोजनाओं के लिए आवंटन बढ़ाया गया है, ताकि निर्माण गतिविधियों में तेजी आए और लाखों नए रोजगार पैदा हों।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से न सिर्फ अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि निजी क्षेत्र को भी निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। यही कारण है कि उद्योग जगत ने इस बजट को “ग्रोथ-फ्रेंडली” बताया है।
मैन्युफैक्चरिंग, MSME और तकनीक को बढ़ावा
सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग और MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का रोडमैप पेश किया गया है। इससे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाने की कोशिश की जा रही है।
MSME के लिए आसान क्रेडिट, गारंटी योजनाओं का विस्तार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबार को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। इससे छोटे उद्योगों को पूंजी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप्स और स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए गए हैं।
ग्रामीण भारत, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल जीवन मिशन और रोजगार योजनाओं के बजट में इजाफा किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर हों और पलायन को रोका जा सके।स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर की कुछ आवश्यक दवाओं को सस्ता करने का ऐलान किया गया, जिससे मरीजों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल रिसर्च पर भी निवेश बढ़ाने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर, यह budget ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया नजर आता है। इसमें तत्काल राहत के बजाय दीर्घकालिक विकास, निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन पर फोकस किया गया है, जिससे आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत बनाने की कोशिश की गई है।
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