छत से टपकते पानी ने बढ़ाई मरीजों की मुश्किलें

मुंगेर सदर अस्पताल के पुरुष वार्ड में छत से टपक रहे पानी के कारण मरीजों को बिस्तर लेकर इधर-उधर भागना पड़ा। जिन मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया गया था, वे पूरी रात बारिश से बचने की कोशिश करते रहे। वार्ड में जगह न मिलने पर कई मरीजों को बरामदे में भर्ती किया गया, जहां खुले आसमान के नीचे उनका बुरा हाल हो गया।

बरामदे में भर्ती मरीजों पर दोहरी मार

बरामदे में भर्ती मरीजों के लिए मुसीबतें दोगुनी हो गईं, क्योंकि छत से टपकते पानी के साथ बारिश सीधे उनके बिस्तरों तक पहुंच रही थी। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को रातभर पानी से बचने की जद्दोजहद करनी पड़ी। खासकर दस्त और डायरिया के मरीजों के लिए यह स्थिति और भी कठिनाई भरी रही।

अस्पताल प्रशासन का बयान

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. रमन कुमार ने बताया कि जर्जर छत के बारे में सिविल सर्जन को जानकारी दी गई है। हालांकि, जनवरी तक 100 बेड का नया मॉडल अस्पताल तैयार हो जाएगा, जहां मरीजों को सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। फिलहाल, मौजूदा भवन काफी पुराना है और उसकी मरम्मत से कोई विशेष फायदा नहीं हो रहा है।

इसे भी पढ़े :-