India AI Summit 2026: PM मोदी का MANAV विजन, ₹10 लाख करोड़ निवेश का ऐलान

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MANAV विजन: भारत की राजधानी में आयोजित वैश्विक टेक सम्मेलन ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। India AI Summit 2026 के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI को मानव क्षमता बढ़ाने वाला साधन बताया, जबकि रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी ने देश में AI इकोसिस्टम के लिए ₹10 लाख करोड़ निवेश का ऐलान किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित कई वैश्विक नेता इसमें शामिल हुए।

AI के लिए भारत का ‘MANAV विजन’ और ग्लोबल मैसेज

सम्मेलन के उद्घाटन संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया जहां AI से डर रही है, भारत उसे अवसर के रूप में देख रहा है। उन्होंने “MANAV विजन” पेश किया जिसका लक्ष्य Ethical AI, Responsible Technology और Human-Centric Innovation पर आधारित विकास है।प्रधानमंत्री के अनुसार आने वाले समय में मशीनों की बुद्धिमत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि इंसान AI का उपयोग कैसे करते हैं। यह संदेश खास इसलिए भी है क्योंकि भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल के जरिए पहले ही पहचान, भुगतान और स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बना चुका है।

इस दौरान भारत के डिजिटल मॉडल — डिजिटल आईडी, यूनिफाइड पेमेंट सिस्टम और हेल्थ डेटा नेटवर्क — को कई देशों ने विकासशील देशों के लिए उदाहरण बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि AI Governance, Data Sovereignty और Responsible Innovation जैसे मुद्दों पर भारत की भूमिका आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।

निवेश, साझेदारी और ग्लोबल टेक भविष्य

सम्मेलन में उद्योग जगत से सबसे बड़ा ऐलान रिलायंस की ओर से हुआ। कंपनी ने अगले सात वर्षों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर नेटवर्क पर बड़े निवेश की योजना साझा की। इससे देश में AI-based startups, डिजिटल रोजगार और रिसर्च को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि यहां एक स्ट्रीट वेंडर भी मोबाइल से भुगतान ले रहा है — यह समावेशी टेक्नोलॉजी का मॉडल है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी कहा कि AI कुछ देशों या कंपनियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि सभी के लिए उपलब्ध होना चाहिए।

ग्लोबल सहयोग की दिशा में यह भी घोषणा हुई कि अगला शिखर सम्मेलन 2027 में जिनेवा में आयोजित किया जाएगा। इससे साफ है कि यह मंच अब केवल तकनीकी चर्चा नहीं बल्कि नीति, अर्थव्यवस्था और समाज से जुड़ा वैश्विक मंच बन चुका है।विशेषज्ञ मानते हैं कि AI Economy, Digital Infrastructure और Future Jobs के क्षेत्र में भारत की भूमिका अगले दशक में निर्णायक होगी।

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AI का भविष्य: वैश्विक लाभ या सीमित शक्ति?

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Srota Swati Tripathy

जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|

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