New Aadhaar Card: QR कोड आधारित नए डिजाइन से बढ़ेगी पहचान की सुरक्षा

By
On:
Follow Us
follow
Samastipur News

Your Trusted Source of Truth

Aadhaar Card: देश में पहचान सत्यापन का सबसे व्यापक माध्यम अब तकनीकी रूप से और सुरक्षित बनाने की दिशा में चर्चा में है। New Aadhaar Card को लेकर सामने आई जानकारियों के अनुसार भविष्य में पहचान पत्र का स्वरूप सरल और डेटा-सुरक्षित बनाया जा सकता है। बढ़ती ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस के बीच व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। इसलिए इस संभावित बदलाव को केवल डिजाइन परिवर्तन नहीं बल्कि गोपनीयता सुधार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, फिर भी इस विषय ने आम नागरिकों और विशेषज्ञों के बीच व्यापक रुचि पैदा की है क्योंकि इसका असर दैनिक सत्यापन प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।

Aadhaar Card क्या है प्रस्तावित बदलाव और कैसे करेगा काम?

संभावित नए स्वरूप में Aadhaar Card पर सीमित जानकारी दिखाई दे सकती है, जबकि अधिकतर डेटा एक सुरक्षित QR आधारित प्रणाली में रहेगा। इसका मतलब है कि पहचान सत्यापन करते समय पूरी जानकारी कार्ड पर लिखी न होकर स्कैनिंग के माध्यम से प्राप्त होगी। इससे अनधिकृत कॉपी या दुरुपयोग की संभावना कम हो सकती है।पहचान सत्यापन आज बैंकिंग, सिम, स्कूल और सरकारी योजनाओं में नियमित प्रक्रिया बन चुका है। ऐसे में डेटा कम प्रदर्शित करने का विचार privacy protection से जुड़ा माना जा रहा है।

  • कार्ड पर सीमित जानकारी
  • QR आधारित verification
  • तेज पहचान प्रक्रिया
  • डेटा सुरक्षा में सुधार

QR आधारित पहचान प्रणाली वह व्यवस्था है जिसमें व्यक्ति की जानकारी सीधे दस्तावेज पर लिखने के बजाय एन्क्रिप्टेड कोड में संग्रहीत होती है। सत्यापन के समय स्कैनर के जरिए अधिकृत व्यक्ति ही जानकारी देख सकता है, जिससे निजी डेटा सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं होता।

नागरिकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

यदि यह बदलाव लागू होता है तो पहचान साझा करने की प्रक्रिया बदलेगी। होटल, कार्यालय या सेवा केंद्र पर फोटोकॉपी देने की जरूरत कम हो सकती है क्योंकि डिजिटल सत्यापन पर्याप्त होगा।ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसका अलग प्रभाव दिख सकता है। शहरी क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएं तेज होंगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पहचान का गलत उपयोग कम होने की संभावना बढ़ेगी।

क्यों बदलेगा पहचान पत्र? बढ़ती डिजिटल दुनिया में डेटा सुरक्षा बनी प्राथमिकता

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन धोखाधड़ी और पहचान चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जब पहचान पत्र में अधिक व्यक्तिगत जानकारी खुली होती है तो उसका दुरुपयोग आसान हो जाता है। इसलिए न्यूनतम डेटा प्रदर्शित करने की अवधारणा कई देशों में अपनाई जा रही है।भारत में भी डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ पहचान सुरक्षा पर जोर बढ़ा है। यही कारण है कि New Aadhaar Card जैसे संभावित मॉडल को डेटा न्यूनिकरण सिद्धांत से जोड़ा जा रहा है — यानी जितनी जरूरत उतनी ही जानकारी साझा हो।

  • fast authentication
  • secure data sharing
  • reduced document misuseबे
  • हतर पहचान सुरक्षा

पहचान प्रणाली का विकास तकनीकी बदलाव का स्वाभाविक हिस्सा है। उद्देश्य केवल सुविधा नहीं बल्कि भरोसेमंद और सुरक्षित सत्यापन बनाना है, जिससे डिजिटल सेवाओं का उपयोग बिना जोखिम के बढ़ सके।

यह भी पढ़ें:- India AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में होगा सबसे बड़ा AI सम्मेलन

POLL ✦
0 VOTES

डिजिटल पहचान पत्र: सुरक्षा या सुगमता, क्या है आपकी पसंद?

Readers' opinions
No opinions yet — be the first!

Srota Swati Tripathy

जगन्नाथ की भूमि और नीले समंदर के किनारों से निकलकर झीलों के शहर भोपाल की एमसीयू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री कर रहे हैं। सीखने और समझने का दौर अभी भी जारी है। अब 'समस्तीपुर न्यूज़' के कंटेंट राइटर और अपने लेख के लिए जाने जाते हैं|

For Feedback - support@samastipurnews.in
< PREV NEXT >