21 नवंबर से शुरू होगा Sonpur Mela, चलेगा 25 दिसंबर तक

21 नवंबर से शुरू होगा Sonpur Mela, चलेगा 25 दिसंबर तक

Sonpur Mela in 2018

Sonpur Mela in 2018 : विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला इस बार 21 नवंबर से शुरू होने जा रहा है. यह मेला 25 दिसंबर तक चलेगा. मेला में इस बार 25 नवंबर को विशेष राजकीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. कला संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित होने वाले इसे मेला से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.सोनपुर मेला यह राजधानी पटना से 25km और वैशाली के Hajipur शहर से 3 किलोमीटर दूर है। हर साल कार्तिक पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर) में लगने वाला यह मेला Asia का सबसे बड़ा पशु मेला है. यह मेला भले ही पशु मेला के नाम से प्रसिद्ध है, लेकिन इस मेले की खासियत यह है कि यहां सूई से लेकर हाथी तक की खरीदारी आप कर सकते हैं.

इससे भी बड़ी बात यह कि Shopping mall culture के इस दौर में बदलते वक्त के साथ इस मेले के स्वरूप और रंग-ढंग में बदलाव जरूर आया है लेकिन इसकी सार्थकता आज भी बनी हुई है.
5-6 किलोमीटर के वृहद क्षेत्रफल में फैला यह मेला हरिहरक्षेत्र मेला और छत्तर मेला मेला के नाम से भी जाना जाता है. हर साल कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के साथ यह मेला शुरू हो जाता है और एक महीने तक चलता है. यहां मेले से जुड़े तमाम आयोजन होते हैं. इस मेले में कभी अफगान, इरान, इराक जैसे देशों के लोग पशुओं की खरीदारी करने आया करते थे. कहा जाता है कि चंद्रगुप्त मौर्य ने भी इसी मेले से बैल, घोड़े, हाथी और हथियारों की खरीदारी की थी.

1857 की लड़ाई के लिए बाबू वीर कुंवर सिंह ने भी यहीं से अरबी घोड़े, हाथी और हथियारों का संग्रह किया था. अब भी यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। देश-विदेश के लोग अब भी इसके आकर्षण से बच नहीं पाते हैं और यहां खिंचे चले आते हैं.
पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु के दो भक्त जय और विजय शापित होकर हाथी (गज) और मगरमच्छ (ग्राह) के रूप में धरती पर उत्पन्न हुए थे. एक दिन कोनहारा के तट पर जब गज पानी पीने आया था तो ग्राह ने उसे पकड़ लिया था। फिर गज ग्राह से छुटकारा पाने के लिए कई सालों तक लड़ता रहा। तब गज ने बड़े ही मार्मिक भाव से अपने हरि यानी विष्णु को याद किया.

तब कार्तिक पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान ने उपस्थित होकर सुदर्शन चक्र चलाकर उसे ग्राह से मुक्त किया और गज की जान बचाई. इस मौके पर सारे देवताओं ने यहां उपस्थित होकर जयजयकार की थी. लेकिन आज तक यह साफ नहीं हो पाया कि गज और ग्राह में कौन विजयी हुआ और कौन हारा.

इस स्थान के बारे में कई धर्मशास्त्रों में चर्चा की गई है. हिंदू धर्म के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां स्नान करने से सौ गोदान का फल प्राप्त होता है. कहा तो यह भी जाता है कि कभी भगवान राम भी यहां पधारे थे और बाबा हरिहरनाथ की पूजा-अर्चना की थी.

इसी तरह सिख ग्रंथों में यह जिक्र है कि गुरु नानक यहां आए थे. बौद्ध धर्म के अनुसार अंतिम समय में भगवान बुद्ध इसी रास्ते कुशीनगर गए थे. जहां उनका महापरिनिर्वाण हुआ था. ऐसे और भी न जाने कितने इतिहास यह अपने आप में समेटे हुए है.

क्या खास है यहां-

Sonpur की इस धरती पर हरिहरनाथ मंदिर दुनिया का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां हरि (विष्णु) और हर (शिव) की एकीकृत मूर्ति है. इसके मंदिर के बारे में कहा जाता है कि कभी ब्रह्मा ने इसकी स्थापना की थी. इसके साथ ही संगम किनारे स्थित दक्षिणेश्वर काली की मूर्ति में शुंग काल का स्तंभ है. कुछ मूर्तियां तो गुप्त और पाल काल की भी हैं।
विभाग के स्तर पर मेला की तैयारियों को लेकर अंतिम दौर की बैठकें की जा रही हैं। विभागीय सचिव रवि परमार ने बताया कि इस बार मेला के मूल स्वरूप को बनाये रखने पर खासतौर से जोर दिया जायेगा. तमाम आधुनिक और विभिन्न आयामों के रंगों को समाहित करने के साथ ही पशु मेला को खासतौर से तवज्जो दिया जायेगा.

पशु मेला में अधिक से अधिक संख्या में पशुओं के रहने समेत तमाम इंतजाम किये जायेंगे. देशी और विदेशी सैलानियों के ठहरने के लिए बनाये जाने वाले कॉटेज में भी सभी सुविधाओं का इंतजाम रहेगा. यहां आने वाले तमाम लोगों की सुविधा का खासतौर से ध्यान रखा जायेगा. साथ ही यहां होने वाले तमाम आयोजनों के लिए भी इंतजाम दुरुस्त किये गये हैं.

Sonpur Mela theatre

Sonpur Mela अपनी theatre के लिए भी जाना जाता है। यहां जितने दिन में ले चलता है उतनी रातें थिएटर चलती है आप कई बार यूट्यूब पर वीडियो देखे होंगे सोनपुर थिएटर के नाम से वह वीडियो एकदम सच्चाई है बहुत सारे नौजवान युवक हर साल लाखों की संख्या में theatre देखने आते हैं।

Sonpur mela के theatre शाम 5:00 बजे से समा बांधना शुरू होता है और एक गाने बजा कर लोगों को रिझाने की कोशिश करते हैं जिसके बाद पूरा रात भर लोग theatre में मजे करते हैं ।यह एक Sonpur को बदनाम करने का भी दूसरा तरीका है यहां पर अनेकों theatre आते हैं जहां पर आप लंबी-लंबी लाइनें देख सकते हैं टिकट कटवाने के लिए|

हम आगे भी Sonpur melaऔर Sonpur mela theatre से जुड़ी वीडियो और फोटो डालता रहूंगा कोई भी Sonpur mela से जुड़ी जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट विजिट करें

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