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Shastra Puja 2025: जानें सही तिथि, महत्व और पूजा विधि

Shastra Puja 2025: जानें 2 अक्टूबर दशहरा पर शस्त्र पूजा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व। इस आयुध पूजा से जीवन में आती है शक्ति और सफलता।

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Shastra Puja 2025: जानें सही तिथि, महत्व और पूजा विधि
Shastra Puja 2025: जानें सही तिथि, महत्व और पूजा विधि (PC-Social Media)
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Shastra Puja 2025: आज की इस धार्मिक खबर में हम बात कर रहे हैं Shastra Puja 2025 की। यह पूजा हर साल विजयदशमी (दशहरा) के दिन की जाती है और इसका महत्व अत्यंत पौराणिक व सांस्कृतिक है। इस वर्ष शस्त्र पूजा 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर अस्त्र-शस्त्र, औजारों और कार्य साधनों की विधिवत पूजा की जाती है, जिससे व्यक्ति को शक्ति, साहस और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Shastra Puja 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त

इस साल दशहरा शस्त्र पूजा 2025 का शुभ मुहूर्त दोपहर 02:09 बजे से 02:56 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत मुहूर्त 01:28 बजे से 02:51 बजे तक का है, जिसे सबसे अनुकूल समय माना गया है। परंपरा के अनुसार, शस्त्र पूजा दशहरे की विजय दशमी तिथि पर ही की जाती है। यह परंपरा आयुध पूजा के नाम से भी जानी जाती है और दक्षिण भारत में विशेष रूप से “Ayudha Puja 2025 Date” को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता रहती है।

शस्त्र पूजा का महत्व

Shastra Puja 2025 date and significance of Ayudha Puja on Vijayadashami

धार्मिक मान्यता है कि भगवान राम ने रावण वध से पहले अपने अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की थी। इसी प्रकार मां दुर्गा ने महिषासुर का वध करने के बाद शस्त्र पूजन किया। यही कारण है कि आज भी लोग दशहरा शस्त्र पूजा significance को मानते हुए इस दिन अपने शस्त्रों, औजारों और गाड़ियों तक की पूजा करते हैं। खासकर क्षत्रिय और व्यावसायिक वर्ग इस परंपरा का पालन अवश्य करते हैं। माना जाता है कि इससे कार्य में सफलता और जीवन में विजय प्राप्त होती है।

शस्त्र पूजा की विधि (Dussehra Shastra Puja Vidhi)

शास्त्रों के अनुसार दशहरा शस्त्र पूजा विधि बड़ी सरल है। सुबह स्नान के बाद घर या कार्यस्थल के औजारों और शस्त्रों को स्वच्छ कर चौकी पर रखें। उन पर गंगाजल छिड़कें, मौली बांधें और तिलक लगाएं। फूल, चंदन, अक्षत और दीप से पूजन करें। आयुध पूजा की विधि में नारियल, नींबू और धूप का भी प्रयोग किया जाता है। दक्षिण भारत में इसे दशहरा Ayudha Puja Vidhi के रूप में भी जाना जाता है।

शस्त्र पूजा के लाभ

कैसे करें आयुध पूजा यह जानने के साथ इसके लाभ को समझना भी जरूरी है। इस पूजा से आत्मविश्वास बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। क्यों करते हैं आयुध पूजा इसका उत्तर यही है कि यह पूजा शक्ति और विजय का प्रतीक है। साथ ही, यह हमें परिश्रम और साधनों के महत्व का एहसास कराती है। शास्त्रों में कहा गया है कि आयुध पूजा का क्या महत्व है – यह पूजा जीवन में सफलता, समृद्धि और सुरक्षा प्रदान करती है।

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Sambhavi
लेखक के बारे मेंBy Sambhavi
मैं शम्भावी हूँ, samastipurnews.in में एक कंटेंट राइटर हू। मैं ज्योतिष और धर्म के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों, जीवनशैली और सांस्कृतिक विषयों पर भी लिखती हूँ। मेरा लक्ष्य हमेशा अपने लेखों के ज़रिए हर विषय पर पाठकों को सही और विस्तृत जानकारी देना होता है।
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