पुलिस की दबंगई का पर्दाफाश: बिहार के सारण जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक एएसआई (ASI) को अपनी गलतियों के चलते अपनी ही हाजत में बंद होना पड़ा। छपरा के मांझी थाना में तैनात एएसआई पप्पू कुमार को सारण के एसपी कुमार आशीष के निर्देश पर बीती रात गिरफ्तार कर हाजत में डाल दिया गया। इस मामले में एक अन्य आरोपी, पीएसआई ओम प्रकाश शाह, थाना से फरार हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस की दबंगई का पर्दाफाश: जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर निर्दोष युवक पर शराब बेचने का आरोप लगाकर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया गया था, जो जांच में सही पाया गया। निर्दोष जनक यादव के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उनसे अवैध रूप से 21,000 रुपये उगाहे गए। इस गंभीर आरोप के बाद सारण एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पप्पू कुमार को गिरफ्तार किया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

एसपी का बयान

इस मामले में जानकारी देते हुए सारण एसपी कुमार आशीष ने बताया कि 20 अक्टूबर को कोपा थाना के साधपुर गांव निवासी जनक यादव ने एएसआई पप्पू कुमार और पीएसआई ओम प्रकाश पर मारपीट करने और पैसे मांगने का आरोप लगाया था। जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि दोनों ने जनक यादव से पैसे की मांग की थी और ना देने पर उसे फंसाने की धमकी दी थी।

27000 रुपये की वसूली

जनक यादव ने स्थानीय साइबर कैफे से 27,000 रुपये निकालकर पप्पू कुमार को दिए, जिसके बाद उसे और उसके दोस्त को छोड़ दिया गया। इस घटना के संबंध में मांझी थाना कांड संख्या-328/24, दिनांक: 20.10.24 के तहत धारा-308 (2)/308 (3)/3 (5) बी.एन.एस. के तहत केस दर्ज किया गया। पप्पू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार ओम प्रकाश शाह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

यह घटना पुलिस महकमे के लिए एक चेतावनी है और दर्शाती है कि गलत काम करने वाले पुलिसकर्मियों को सख्त सजा दी जाएगी।

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