समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में आज दिनदहाड़े एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। अंजना देवी (56 वर्ष), जो रामनाथपुर गांव की निवासी हैं, को पुलिस वर्दी में ठगों ने चकमा देकर ₹2,50,000 की बड़ी रकम लूट ली। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ वारदात का अंजाम?

अंजना देवी, जो बैंकिंग कार्य के लिए बैंक ऑफ इंडिया, लखि चौक ब्रांच से ₹2 लाख कैश निकालकर समस्तीपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (पुराने बस स्टैंड के सामने) में जमा करने गई थीं, इस वारदात का शिकार हुईं। उन्होंने अपने ₹2 लाख कैश के साथ ₹50,000 पहले से अपने पास रखे हुए थे। जब वह स्टेट बैंक में जमा फॉर्म भर रही थीं, तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और कहा, “बाहर पुलिस वाले आपको बुला रहे हैं।”

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पुलिस की वर्दी में ठगों का जाल

बैंक के बाहर जाने पर अंजना देवी ने देखा कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी के पास एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में खड़ा था। उसके पास तीन और व्यक्ति पुलिस की वर्दी में गाड़ी के अंदर बैठे थे, जबकि एक व्यक्ति सिविल ड्रेस में था।

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वर्दीधारी व्यक्ति ने अंजना देवी से कहा, “हम आपको कचहरी पर रोज देखते हैं। क्या आप इन लोगों को पहचानती हैं?” जैसे ही अंजना देवी गाड़ी के पास पहुंचीं, गाड़ी के अंदर बैठे लोगों ने उन्हें अंदर खींच लिया।

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पिस्टल दिखाकर धमकी

गाड़ी के अंदर, ठगों ने पिस्तौल दिखाते हुए उन्हें धमकाया, “चिल्लाओगी तो गोली मार देंगे।” यह सुनकर अंजना देवी पूरी तरह घबरा गईं और चुप रहने पर मजबूर हो गईं। ठगों ने गाड़ी को मुजफ्फरपुर से करीब 15 किलोमीटर आगे सुनसान इलाके में ले जाकर, उनके पास मौजूद ₹2.5 लाख कैश छीन लिया।

सुनसान रास्ते पर फेंका

लूटपाट के बाद, ठगों ने अंजना देवी को सुनसान इलाके में गाड़ी से उतार दिया और फरार हो गए। ठगों की गाड़ी सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर थी।

महिला ने कैसे दर्ज कराई शिकायत?

घटना के बाद, अंजना देवी जैसे-तैसे स्थानीय लोगों की मदद से वापस समस्तीपुर पहुंचीं और मुफस्सिल थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।

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पुलिस की प्रतिक्रिया

इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई है। समस्तीपुर एसपी ने इस वारदात की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। एसपी का कहना है, “यह एक सुनियोजित अपराध है। ठगों ने पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग कर वारदात को अंजाम दिया। हम जल्द ही अपराधियों को पकड़ लेंगे।”

सुरक्षा पर सवाल

इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था और बैंक ग्राहकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि कैसे ठग पुलिस की वर्दी और गाड़ी का इस्तेमाल कर आसानी से वारदात को अंजाम दे पाए।

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पुलिस और प्रशासन को चाहिए सतर्कता

  • बैंक के आसपास सुरक्षा बढ़ाना: बैंक के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जानी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
  • ग्राहकों को जागरूक करना: बैंकों को अपने ग्राहकों को सतर्क करना चाहिए कि वे किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर बैंक से बाहर न जाएं।
  • सीसीटीवी फुटेज: बैंक और आसपास के इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगालने से अपराधियों की पहचान में मदद मिल सकती है।

समस्तीपुर में हुई इस घटना ने लोगों को सकते में डाल दिया है। बैंक से लेन-देन के दौरान सुरक्षा को लेकर आम जनता को और सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं, पुलिस प्रशासन को ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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क्या करें ऐसी स्थिति में?

  • अज्ञात व्यक्ति की बातों पर भरोसा न करें।
  • पुलिस वर्दी में दिखने वाले व्यक्ति की पहचान जरूर जांचें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

अंजना देवी के साथ हुई इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि ठग अब नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। जनता और पुलिस प्रशासन को मिलकर इन अपराधों पर रोक लगानी होगी।

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