Diwali 2025 Kuber Puja: इस साल Diwali 2025 का त्योहार 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन लक्ष्मी पूजन के साथ-साथ धन के देवता भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि जो भक्त दिवाली की रात कुबेर पूजा को सही विधि से करते हैं और उन्हें उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करते हैं, उनके घर में सालभर धन, सुख और समृद्धि का वास होता है।
कुबेर पूजा क्यों होती है खास?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान कुबेर (Kubera) को धन, वैभव और भंडार के स्वामी कहा गया है। दिवाली पर उनकी पूजा करने से न केवल आर्थिक स्थिरता मिलती है, बल्कि घर में सुख-शांति भी आती है। Diwali kuber Special इसीलिए कहा जाता है क्योंकि यह दिन धन और लक्ष्मी की एक साथ आराधना का समय होता है।

हिंदू त्योहार पंचांग (Hindu Tyohar Panchang) के अनुसार, 2025 में दिवाली 20 अक्टूबर को अमावस्या की रात पड़ेगी, जो कुबेर पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। पंडितों के मुताबिक, जो भक्त इस दिन कुबेर जी को प्रसन्न करने वाली वस्तुएं अर्पित करते हैं, वे जीवन में कभी आर्थिक संकट का सामना नहीं करते।
भगवान कुबेर को प्रिय 5 वस्तुएं
कुबेर जी को खुश करने के लिए पूजा में कुछ वस्तुएं विशेष रूप से अर्पित की जाती हैं —
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- धनिया (Coriander) – इसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पूजा में सूखा धनिया या धनिया पंजीरी अर्पित करने से घर के भंडार में वृद्धि होती है।
- कमलगट्टा (Lotus Seeds) – यह लक्ष्मी और कुबेर दोनों को प्रिय है। इससे स्थायी धन की प्राप्ति होती है।
- इत्र (Perfume or Fragrance) – कुबेर जी को सुगंध बहुत पसंद है। इससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
- सुपारी और लौंग – यह दृढ़ता और सुरक्षा का प्रतीक है। इससे पूजा में शुभता आती है।
- गेंदे के फूल (Marigold Flowers) – भगवान कुबेर को ये फूल अति प्रिय हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
यह सभी वस्तुएं Diwali Kuber Puja के दौरान अर्पित करने से कुबेर जी का आशीर्वाद सहजता से प्राप्त होता है।
कुबेर पूजा की विधि
दीवाली (Diwali) की रात को जब आप लक्ष्मी पूजन करें, तो साथ ही उत्तर दिशा में भगवान कुबेर की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। फिर चांदी या तांबे के कलश में जल भरें, उस पर नारियल रखें और उसकी पूजा करें। इसके बाद कुबेर मंत्र “ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये नमः” का जाप करें।
कुबेर जी को मिठाई, खीर और घी से बनी लापसी का नैवेद्य अर्पित करें। दीवाली 2025 Kuber Puja का यह अनुष्ठान घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और धन की बरकत बढ़ाता है। पंडितों का मानना है कि इस दिन पूजा के अंत में सात्विक भोजन अर्पित करने से कुबेर जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
दिवाली 2025 कब है और इसका सही समय क्या है?
2025 में दिवाली 20 अक्टूबर 2025 (रविवार) को मनाई जाएगी। इस दिन रात में अमावस्या तिथि होगी। वहीं, 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे से कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी। इसलिए पारंपरिक रूप से दिवाली की पूजा 20 अक्टूबर की रात को ही करनी चाहिए।
Ram Mandir Diwali Celebration 2025 के लिए अयोध्या में तीन दिन का भव्य दीपोत्सव होगा, जो 17 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक चलेगा। 30 लाख से अधिक दीपक जलाकर “दीपोत्सव” का यह ऐतिहासिक पर्व मनाया जाएगा।
‘दीवाली’ या ‘दिवाली’ – कौन सा सही है?
संस्कृत के अनुसार ‘दीपावली’ शब्द का अर्थ होता है “दीपों की पंक्ति”, यानी दीपों का उत्सव। यही शब्द समय के साथ बदलकर “दिवाली” बन गया। दोनों शब्द सही माने जाते हैं, बस क्षेत्रीय उच्चारण में अंतर है। उत्तर भारत में “दिवाली” जबकि दक्षिण भारत में “दीपावली” शब्द अधिक प्रचलित है।
यह त्योहार Hindu Festivals and Holiday Calendar के सबसे महत्वपूर्ण उत्सवों में से एक है। इस दिन लोग अपने घरों को दीपों, मिठाइयों और खुशियों से सजाते हैं।
कुबेर पूजा से लाभ
जो भक्त कुबेर पूजा को पूरे श्रद्धा भाव से करते हैं, उनके जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती। यह पूजा न केवल आर्थिक उन्नति देती है बल्कि घर में सुख, शांति और संतुलन भी बनाए रखती है। Kuber Special Puja 2025 इस दिवाली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि यह धन के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है।
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