Aaj Ka Panchang 19 September 2025: आज शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 को हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन मासिक शिवरात्रि और शुक्र प्रदोष व्रत का विशेष योग बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना और ध्यान साधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इसी कारण आज का दिन भक्तों और साधकों दोनों के लिए विशेष महत्व रखता है।

आज का पंचांग और तिथि विवरण

आश्विन मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि आज शुक्रवार को पड़ रही है। इस तिथि पर नंदी देव का अधिकार माना गया है और इस दिन पूजा करने से पापों का क्षय होता है। पंचांग के अनुसार सूर्योदय सुबह 06:27 बजे और सूर्यास्त शाम 06:39 बजे होगा। चंद्रमा आज कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में रहेंगे। aaj ki tithi धार्मिक दृष्टि से योग, ध्यान और व्रत पालन के लिए शुभ मानी जाती है।

इस दिन का राहुकाल सुबह 11:01 से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। वहीं, यमगंड का समय 15:36 से 17:07 बजे तक रहेगा। चंद्रमा के अश्लेषा नक्षत्र में रहने से आज के दिन किसी भी मांगलिक कार्य को टालना उचित होगा।

विशेष योग और व्रत का महत्व

Aaj Ka Panchang 19 September 2025 – आश्विन मास की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी, मासिक शिवरात्रि और शुक्र प्रदोष व्रत की जानकारी

इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का शुभ संयोग बन रहा है। प्रदोष व्रत विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मासिक शिवरात्रि के दिन उपवास और ध्यान साधना करने से मानसिक शांति और आत्मिक बल मिलता है।

आज का aaj ka choghadiya शुभ और अशुभ मुहूर्तों के आधार पर देखा जाएगा। शुभ कार्य के लिए सुबह सूर्योदय से 10 बजे तक का समय अनुकूल रहेगा। साथ ही शाम के समय सूर्यास्त के बाद भी पूजा-अर्चना करना शुभ फलदायी माना जाएगा।

Aaj Ka Panchang 19 September 2025: पूजा-पाठ और सावधानियाँ

हिंदू धर्म में अश्लेषा नक्षत्र को शुभ नहीं माना जाता है। इस कारण आज विवाह, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय शुरू करने जैसे कार्यों से बचना चाहिए। हालांकि, यह समय साधना, तंत्र-मंत्र, व्रत, उपवास और तपस्या के लिए उत्तम माना जाता है।

आज का पंचांग (today’s panchangam) दर्शाता है कि यह दिन भगवान शिव की आराधना, महामृत्युंजय मंत्र जप और रात्रि जागरण के लिए सर्वश्रेष्ठ है। भक्तों को आज के दिन दान-पुण्य करना चाहिए, जैसे गौ-सेवा, गरीबों को भोजन कराना और शिव मंदिर में जलाभिषेक करना। यह सब कार्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता लाते हैं।

19 सितंबर 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत खास है। इस दिन भक्तों को भगवान शिव की पूजा के साथ प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का पालन करना चाहिए। शुभ कार्य के लिए पंचांग में बताए गए सही मुहूर्तों का ध्यान रखना जरूरी है।

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