लंदन में आयोजित ब्रिटिश सिनेमा के प्रतिष्ठित अवॉर्ड शो BAFTA 2026 में भारतीय अभिनेत्री Alia Bhatt का नाम खास चर्चा में रहे। पहली बार इस वैश्विक मंच पर अवॉर्ड प्रेजेंट करते हुए आलिया ने ‘नमस्ते’ कहकर शुरुआत की। उनका यह देसी अंदाज़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।आलिया ने मंच से कहा कि सिनेमा कई भाषाओं में बोलता है, लेकिन उसकी असली भाषा भावनाएं होती हैं। उन्होंने गैर-अंग्रेजी फिल्म के लिए अवॉर्ड की घोषणा करते हुए हिंदी में कुछ पंक्तियां बोलीं, जिसने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का ध्यान खींचा।
BAFTA 2026: ‘नमस्ते’ के जरिए दिया वैश्विक संदेश
Alia Bhatt ने अपने संबोधन में कहा कि फिल्मों की भाषा सीमाओं से परे होती है। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि अभी सबटाइटल पढ़ने की जरूरत नहीं है। यह क्षण दर्शकों के लिए खास बन गया।भारतीय कलाकारों की अंतरराष्ट्रीय मंच पर मौजूदगी पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। ओटीटी प्लेटफॉर्म और वैश्विक सहयोग ने भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी है। ऐसे में BAFTA जैसे मंच पर भारतीय अभिनेत्री का सम्मानित भूमिका निभाना सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व का प्रतीक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब कलाकार अपनी जड़ों को साथ लेकर चलते हैं, तो वह विश्व स्तर पर भी अलग पहचान बनाते हैं। आलिया का ‘नमस्ते’ इसी आत्मविश्वास की झलक था।
भारतीय सिनेमा की बढ़ती वैश्विक पहचान
BAFTA अवॉर्ड्स को ब्रिटिश सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। इस मंच पर भारतीय उपस्थिति यह दर्शाती है कि देश का फिल्म उद्योग अब वैश्विक परिदृश्य में मजबूत स्थान बना चुका है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय फेस्टिवल्स और अवॉर्ड समारोहों में सराहना हासिल की है। यह ट्रेंड केवल स्टारडम तक सीमित नहीं है, बल्कि कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा की स्वीकृति भी बढ़ी है।
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आलिया का यह पल केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद का हिस्सा था। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और तस्वीरें तेजी से शेयर की जा रही हैं।यह घटना दर्शाती है कि भारतीय सिनेमा और संस्कृति अब वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान बना रहे हैं। आने वाले समय में और भी कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते नजर आ सकते हैं।
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